बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य के प्रमुख राजनीतिक चेहरों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है. 16 जनवरी 2026 को राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर कई दिग्गज नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है. इस संबंध में गृह विभाग ने डीजीपी को आधिकारिक पत्र भेजकर नए सुरक्षा मानकों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है.
सत्ता पक्ष के दिग्गजों का सुरक्षा घेरा हुआ मजबूत
राज्य सरकार ने खुफिया इनपुट और खतरे के आकलन के आधार पर सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को अब ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जिसके साथ एक एस्कॉर्ट गाड़ी भी तैनात रहेगी. वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह की सुरक्षा भी बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी कर दी गई है. इसके अलावा, जमुई सांसद अरुण भारती को ‘Y+’ और एआईएमआईएम नेता अख्तरुल इमान को ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. नीतीश मिश्र और भगवान सिंह कुशवाहा को भी अब ‘Y’ श्रेणी का सुरक्षा कवच मिलेगा.
विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा में बड़ी कटौती
सुरक्षा समीक्षा के इस नए दौर में विपक्ष के कई बड़े नेताओं के सुरक्षा घेरे को छोटा कर दिया गया है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा ‘Z’ श्रेणी से घटाकर अब ‘Y+’ कर दी गई है, हालांकि उन्हें एक एस्कॉर्ट गाड़ी की सुविधा मिलती रहेगी. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की सुरक्षा में भी कटौती की गई है; मीरा कुमार को अब ‘X’ और शत्रुघ्न सिन्हा को ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. इसी तरह, पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपती कुमार पारस और कांग्रेस के पूर्व विधायक शकील अहमद की सुरक्षा श्रेणी ‘Y’ से घटाकर ‘X’ कर दी गई है.
गृह विभाग के अनुसार, यह बदलाव किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ‘खतरे के विश्लेषण’ (Threat Assessment) पर आधारित है. ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जबकि ‘Y+’ में 11 और ‘X’ श्रेणी में केवल 2 सशस्त्र जवान सुरक्षा प्रदान करते हैं. सरकार का तर्क है कि सुरक्षा संसाधनों का आवंटन नेताओं को मिलने वाली संभावित धमकियों और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है.