‘मम्मी माफ करना, तुझे परेशान किया..’ बिहार में कमरे में मिला कृषि पदाधिकारी का शव

सिवान: बिहार के सिवान जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कृषि विभाग की सहायक तकनीकी प्रबंधक का शव उनके कमरे से बरामद हुआ है. कमरे से एक नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है “मैं करना नहीं चाहती थी. हैंडल नहीं कर पाई. मम्मी माफ करना, तुझे परेशान किया.” यह हैरान कर देने वाला मामला नगर थाना क्षेत्र के सिसवन ढाला स्थित लक्ष्मीपुर मोहल्ले का है.

2023 में शुरू की थी नौकरी: मृतका की पहचान सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है, जो वैशाली जिले के रहने वाले स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पुत्री थीं. सृष्टि मार्च 2023 से सिवान के हसनपुरा प्रखंड अंतर्गत सहुली चट्टी स्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय में सहायक तकनीकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं.

किराए के कमरे में मिली लाश: पुलिस के मुताबिक, सृष्टि का शव उनके किराए के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया. मौके से बरामद सुसाइड नोट को पुलिस ने जब्त कर लिया है, हालांकि पुलिस नोट की प्रमाणिकता को लेकर संदेह जता रही है. नगर थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के परिजनों से विस्तृत जानकारी ली जा रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी.

“शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बरामद नोट की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है.” -अविनाश कुमार, नगर थाना प्रभारी

बेटी को जीवित करने की जिद: घटना की सूचना मिलते ही मृतका की मां सिवान पहुंची. अपनी लाडली का शव देख वह सुध-बुध खो बैठीं. बदहवास मां को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है. वह लगातार इस जिद पर अड़ी रही कि बेटी को खाटू श्याम मंदिर ले जाया जाए, उन्हें विश्वास था कि वहां ले जाने से उनकी बेटी फिर से जीवित हो जाएगी. इस मंजर को देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

सोमवार रात से बंद था मोबाइल: मृतका के भाई आशुतोष कुमार ने बताया कि सृष्टि सोमवार को ‘मौर्या एक्सप्रेस’ से हाजीपुर से सिवान पहुंची थी. रात करीब 9 बजे भाई-बहन की फोन पर बात भी हुई, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद आने लगा. मंगलवार सुबह जब दोबारा संपर्क नहीं हो सका, तो उन्होंने मकान मालिक को इसकी जानकारी दी.

“मकान मालिक के कहने पर एक पड़ोसी सृष्टि के कमरे में गया. दरवाजा अंदर से बंद नहीं था, हल्का धक्का देते ही खुल गया. अंदर सृष्टि का शव फंदे से लटका हुआ था, लेकिन उसके पैर जमीन को छू रहे थे. मेरी बहन को किसी भी तरह की कोई मानसिक परेशानी नहीं थी.” -आशुतोष कुमार, मृतका का भाई

अधिकारी ने क्या कहा?: इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदित्य प्रताप पांडेय ने बताया कि सोमवार को जब सृष्टि कार्यालय नहीं पहुंची थी तो महिला सहकर्मियों से उनके बारे में पूछा गया. सहकर्मियों ने जब फोन किया, तब सृष्टि ने बताया था कि वह ट्रेन में है और सिवान आ रही है. इसके बाद अचानक इस घटना की खबर मिली.

संदेह के घेरे में पूरी घटना:पुलिस के अनुसार कमरे से मिले नोट की लिखावट और भाषा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. परिजनों के मुताबिक, सृष्टि यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, ऐसे में नोट में इस्तेमाल की गई भाषा और उसकी लिखावट का मृतका के दस्तावेजों से मिलान नहीं हो पा रहा है. सबसे अहम बात यह है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था. पुलिस इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है.