पटना। भाकपा-माले (CPI-ML) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि हम एक खतरनाक दौर में हैं। बिहार में कानून का राज पहले ही खत्म हो चुका है, अब बुलडोजर का राज दिखेगा। उनके सामने उत्तर प्रदेश का माॅडल है बुलडोजर राज।
UP में सवर्ण सामंती ताकतों पर कार्रवाई नहीं होती
यूपी में माफिया राज खत्म करने के नाम पर सवर्ण सामंती ताकतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, वे सत्ता-सरंक्षित हैं, लेकिन दलित-पिछड़े-अल्पसंख्यक समुदाय पर बुलडोजर लगातार चल रहे हैं। बिहार में भी यही होने वाला है। दीपंकर ने चुनाव में जनता को वादों से ठगे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक झटके में 70 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए, जिनमें 40 लाख नाम बिल्कुल गलत तरीके से हटाए गए। साथ ही 20-25 लाख नए नाम जोड़ दिए गए। इससे हर बूथ का संतुलन बदल गया है और यह सब चुनाव के ठीक पहले हुआ है।
चुनाव के ठीक पहले बांटे रुपये
उन्होंने कहा कि अगर चुनाव से पहले 30 हजार करोड़ रुपये सरकार द्वारा अलग-अलग नाम पर लोगों के बीच बांट दिए जाएं। जबकि चार साल तक किसी की बात नहीं सुनी जा रही थी और ठीक चुनाव से पहले यह सब हो जाए तो इसका क्या परिणाम होगा। यह सबके सामने है। बिहार चुनाव में नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। पूरा चुनावी तंत्र मजाक बनकर रह गया। इस बार की सरकार पिछली सरकार नहीं है।
गृह मंत्रालय छीना गया नीतीश से
नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) केवल मुख्यमंत्री हैं, गृहमंत्री नहीं। उनसे गृह मंत्रालय छीनकर सम्राट चौधरी को दे दिया गया है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार की जगह पहली बार दूसरे व्यक्ति को गृह मंत्रालय दिया गया है। सम्राट चौधरी इस विभाग को संभालेंगे। उनके गृह मंत्री बनते ही बिहार में योगी मॉडल की बात होने लगी है। कहा जा रहा है कि वे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तरह बिहार में क्राइम कंट्रोल करेंगे।