पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के महज दो महीने बाद ही राज्य की राजनीति में एक बार फिर दलबदल और सियासी उठापटक की आहट सुनाई देने लगी है. गठबंधन के भीतर वर्चस्व की जंग और विपक्ष में बिखराव के संकेतों ने कड़ाके की ठंड में भी बिहार का सियासी पारा बढ़ा दिया है. ताजा घटनाक्रम इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है.
कांग्रेस के सभी 6 विधायक JDU के संपर्क में?
RLM के तीन विधायकों के बदले तेबर के बाद अब सबसे बड़ी खबर कांग्रेस खेमे से आ रही है. मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में कांग्रेस के सभी छह विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू के संपर्क में हैं. यदि ये विधायक पाला बदलते हैं, तो 243 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा.
नाराजगी का कारण: बताया जा रहा है कि विधायक अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं.
क्या है संकेत: हाल ही में पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित ‘दही-चूड़ा’ भोज और पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों से इन विधायकों की लगातार अनुपस्थिति ने इन अटकलों को और हवा दी है. हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व इसे ‘भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बता रहा है.
NDA के भीतर भी ‘नंबर गेम’ की होड़
सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है. गठबंधन के सबसे बड़े दल भाजपा और जदयू के बीच ‘नंबर वन’ बनने की होड़ लगी है.
RLM में बगावत: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक मोर्चा’ (RLM) के चार में से तीन विधायक (रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह) भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं.
परिवारवाद कारण: पार्टी में असंतोष की मुख्य वजह कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक को कैबिनेट में शामिल करना माना जा रहा है.
भाजपा का रुख: भाजपा अपनी संख्या बल (वर्तमान में 89) को और बढ़ाना चाहती है ताकि गठबंधन में उसका दबदबा बना रहे। वहीं जदयू (85 सीटें) कांग्रेस विधायकों को तोड़कर भाजपा से आगे निकलने की जुगत में है.
RCP सिंह की वापसी की चर्चा
बिहार की राजनीति में एक और दिलचस्प मोड़ पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जदयू में संभावित वापसी को लेकर है. नीतीश कुमार के कभी बेहद करीबी रहे सिंह को 2022 में पार्टी से निकाल दिया गया था. चुनाव से पहले वे प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ में शामिल हुए थे. हाल ही में एक ‘कुर्मी सम्मेलन’ में नीतीश कुमार के साथ उनकी परोक्ष उपस्थिति ने उनकी घर वापसी की चर्चाओं को तेज कर दिया है.
विधानसभा की वर्तमान स्थिति (नवंबर 2025 चुनाव परिणाम)
गठबंधन का नाम पार्टी का नाम सीटों की संख्या
NDA(202) भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89
जनता दल (यूनाइटेड) – JD(U) 85
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 19
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) 05
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) 04
गठबंधन का नाम पार्टी का नाम सीटों की संख्या
महागठबंधन (35) राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 25
कांग्रेस (INC) 06
CPI (ML) (लिबरेशन) 02
CPI (M) 01
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) 01
वहीं, अन्य के खाते में कुल 06 सीटें हैं. इनमें AIMIM के पास 05 और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास एक सीट है.
बता दें कि भले ही एनडीए के पास स्पष्ट और भारी बहुमत है, लेकिन घटक दलों के बीच सर्वोच्चता की लड़ाई और छोटे दलों में आंतरिक असंतोष ने बिहार की राजनीति को एक अस्थिर दौर में धकेल दिया है. यदि ये दल-बदल हकीकत में बदलते हैं, तो यह न केवल विपक्षी गठबंधन (महागठबंधन) के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि नीतीश कुमार और भाजपा के बीच के शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करेगा.