बिहार में बदला पंचायत कानून, अब गांवों में भी पास कराना होगा मकान का नक्शा

Bihar New Panchayat Raj Bill: बिहार सरकार ने नए पंचायत राज विधेयक को हरी झंडी दे दी है. इसके लागू होते ही ग्राम पंचायतों की कार्यशैली में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. अब गांव और स्थानीय बाजार आर्थिक रूप से काफी मजबूत होंगे. इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों और बाजारों में बिना रोक-टोक होने वाले मकानों के निर्माण और बिना परमिशन लगने वाले विज्ञापनों पर भी पंचायतों का पूरा कब्जा रहेगा.

विज्ञापन और होर्डिंग से होगी पंचायतों की बंपर कमाई
सड़कों, चौराहों और ग्रामीण बाजारों में निजी कंपनियां अब तक बिना किसी इजाजत के बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग टांग देती थीं. इससे कंपनियों का तो प्रचार हो जाता था, लेकिन पंचायतों को एक रुपये का भी फायदा नहीं मिलता था. नए नियमों के लागू होने से अब बिना पंचायत की अनुमति और तय फीस दिए कोई भी विज्ञापन नहीं लगाया जा सकेगा. इससे पंचायतों की कमाई में सीधा इजाफा होगा.

ग्रामीण इलाकों में भी पास कराना होगा मकान का नक्शा
पहले नक्शा पास कराने और मकान बनने का सर्टिफिकेट (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) लेने का नियम सिर्फ शहरों और नगर निकायों तक ही सीमित था. अब नए कानून के बाद गांवों में भी भवन निर्माण के लिए पंचायत से नक्शा पास कराना जरूरी होगा. इस व्यवस्था से गांवों में बिना किसी योजना के बनने वाले मकानों और अवैध निर्माण पर पूरी तरह लगाम लगेगी.

अब विकास कार्यों के लिए नहीं रहेगा सरकारी फंड का इंतजार
पंचायतों की अपनी कमाई बढ़ने से अब नाली, सड़क, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और सफाई जैसे कामों के लिए सरकारी मदद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वित्तीय अधिकार बढ़ने से स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ज्यादा पावरफुल होंगे और गांवों का विकास तेजी से हो सकेगा.