पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट आने के बाद जनसुराज संस्थापक प्रशांत किशोर राजनीति छोड़ देंगे. यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर हल्ला मचा हुआ है. बिहार चुनाव में दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग संपन्न होने के बाद मंगलवार शाम से जारी हो रहे तमाम सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल में एक को छोड़कर एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है. केवल Journo Mirror Exit Poll ने महागठबंधन की सरकार बनने का अनुमान लगाया है. इसके अलावा तमाम सर्वे एजेंसियों ने आसानी से एनडीए को बहुमत के जादुई आंकड़े 122 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाया है.
इसलिए हो रही प्रशांत किशोर के राजनीति छोड़ने की बात
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में वोटिंग शुरू होने से पहले जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने कई इंटरव्यू में दावा किया था मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू इस चुनाव में 25 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी. न्यूज18 इंडिया पर रूबिका लियाकत के साथ बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा था- ‘रिजल्ट के बाद अगर जेडीयू को 25 सीट से ज्यादा आ जाए, तो आप आइएगा, अगर जनसुराज की जीत भी हुई होगी तो भी कहिएगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.’ जब उनसे पूछा गया था- ‘वजह क्या है?’ इसपर प्रशांत किशोर ने कहा था- ‘अरे ये तो आप लोगों ने कहा था कि ये ऐसे कैसे हो सकता है. मैं दावे के साथ कह रहा हूं जदयू को 25 से ज्यादा सीटें नहीं आएंगी. लिख लो मेरी बात.’ प्रशांत ने इतना तक कह दिया कि इसके लिए वजह बताने की जरूरत नहीं है. ये तो शर्त लगाने वाली बात है. मैं जेडीयू के लिए चुनाव खत्म देख रहा हूं.
अब बिहार चुनाव का एग्जिट पोल आने के बाद न्यूज 18 इंडिया पर प्रशांत किशोर के दिए गए इंटरव्यू का क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. लोग बिहार चुनाव के एग्जिट पोल को आधार बनाकर पूछ रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर 14 नवंबर को रिजल्ट आने के बाद राजनीति छोड़ देंगे.
यहां यह भी बता दें कि प्रशांत किशोर अपने इंटरव्यू में यह भी कहते रहे हैं कि आप जब भी समझ लेंगे कि नीतीश कुमार खत्म हो चुके हैं, तभी वह वापसी करके दिखाते रहे हैं. नीतीश कुमार को कभी भी कमजोर नहीं समझना चाहिए. लेकिन नीतीश कुमार को लेकर भविष्यवाणी करने में प्रशांत किशोर अपनी ही कही बात को भूलते रहे हैं. इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान प्रशांत किशोर ने जेडीयू के महज छह सीटों पर सिमटने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन जब रिजल्ट आया तो जेडीयू ने सबको चौंकाते हुए 12 सीटों पर जीत दर्ज की. आलम यह है कि आज केंद्र में नीतीश कुमार के समर्थन से ही नरेंद्र मोदी की सरकार चल रही है.
2020 के बिहार चुनाव में जेडीयू 43 सीटों के साथ तीसरे नंबर की पार्टी बन गई थी, जिसके बाद से कयास लगाए जाने लगे थे कि बिहार में नीतीश कुमार का समय चला गया है. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने अपना दमखम दिखाकर बता दिया था कि उन्हें कमजोर समझने की भूल ना की जाए.
एग्जिट पोल में जेडीयू के सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान
न्यूज 18 के एग्जिट पोल में जेडीयू को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. अनुमान है कि जेडीयू 2025 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. न्यूज 18 के मेगा एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को 140 से 150, महागठबंधन को 85 से 95, जनसुराज को शून्य से 5 और अन्य को 5 से 10 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है. यहां यह भी बता दें कि प्रशांत किशोर जहां लगातार जनसुराज की सरकार बनने का दावा कर रहे थे और कह रहे थे कि उनकी पार्टी अर्श या फर्श पर रहेगी. एग्जिट पोल को आधार मानें तो लगता है कि जनसुराज फर्श पर ही रहने वाली है.