बिहार में बारिश बनी आफत! कहीं गंगा उफान पर, कहीं सड़क धंसी, कहीं बाढ़ तो कहीं ठनका ने ली जान

पटनाः बिहार में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. राजधानी पटना से लेकर सीमांचल, चंपारण तक हालात बदलने लगे हैं. गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कई जिलों में बाढ़ का खतरा गहरा गया. पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी दूर-दूर तक फैली नजर आ रही है. इसके बावजूद दियारा इलाके के लोग ओवरलोड नावों से सफर कर रहे हैं. इससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है.

सड़क धंसने से फंसी नगर निगम की ट्रॉली
मुंगेर में रविवार रात हुई तेज बारिश ने शहर की बदहाल सड़कों की पोल खोल दी. तोपखाना बाजार से मिर्ची तालाब जाने वाली सड़क कई जगह धंस गई. गड्ढा भरने पहुंची नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली भी सड़क धंसने से फंस गई. लोगों का आरोप है कि सीवरेज और पाइपलाइन के काम के बाद सड़क की सही मरम्मत नहीं की गई. धरहरा प्रखंड में भी हालात खराब हैं. दशरथपुर-ईटवा सड़क पर बाढ़ का पानी बह रहा है. इससे गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है. दोपहिया, चारपहिया और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पूर्वी चंपारण में लोग तंबू में रहने को मजबूर
पूर्वी चंपारण के सुगौली में नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश का असर दिखने लगा है. सिकरहना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. कई वार्डों और गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है. खेत डूब गए हैं और कुछ परिवार ऊंचे स्थानों पर तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं. लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ से पहले बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हालात नहीं बदलते.

छपरा में ठनका गिरने से मौत
छपरा में लगातार बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया. जलालपुर प्रखंड में धान की रोपनी के दौरान दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलस गया. वहीं समहोता गांव में खेत में काम कर रहे 14 वर्षीय किशोर रोहित कुमार की भी बिजली गिरने से मौत हो गई.

अगले 48 घंटे बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रहेगा. 17 जिलों में भारी बारिश और 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.