3 नहीं सिर्फ 1 घंटे में पहुंचेंगे पटना से समस्तीपुर, बिहार में 6 लेन गंगा पुल तैयार, चंद दिनों में खत्म होगा इंतजार

पटना; पटना से समस्तीपुर का सफर अब पहले जैसा लंबा और थकाऊ नहीं रहने वाला. कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा ब्रिज लगभग बनकर तैयार है. अगले महीने इसके खुलने की पूरी संभावना है. जैसे ही यह ब्रिज चालू होगा, पटना से समस्तीपुर की दूरी तय करने में लगने वाला समय करीब 3 घंटे से घटकर लगभग 1 घंटे रह जाएगा. यानी लोगों को सीधा और तेज कनेक्शन मिलने वाला है.

कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा ब्रिज का उद्घाटन अगले महीने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. हाल ही में गंगा नदी की दूसरी धारा पर ब्रिज के आखिरी सेगमेंट की लॉन्चिंग पूरी हो गई है. इसके साथ ही अब सिर्फ औपचारिक उद्घाटन बाकी रह गया है. प्रशासन और निर्माण एजेंसी तेजी से अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है.

पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई करीब 19.76 किलोमीटर है. इसमें 9.76 किलोमीटर लंबा मेन ब्रिज और लगभग 10 किलोमीटर का एप्रोच रोड शामिल है. फिलहाल इसका एक हिस्सा पटना से राघोपुर दियारा तक करीब 4.57 किलोमीटर तक चालू है, जिससे वहां के लोगों को पहले ही राहत मिल चुकी है. बाकी हिस्से के शुरू होते ही यह पुल पूरी तरह फंक्शनल हो जाएगा.

राघोपुर दियारा के लोगों के लिए यह पुल किसी वरदान से कम नहीं है. इस प्रोजेक्ट की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसी ब्रिज से पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा कंट्रोल्ड एक्सेस हाईवे भी जुड़ेगा. यानी यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि पूरे उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को नया रूप देने वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर है. इससे ट्रांसपोर्ट आसान होगा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलेगा.

करीब 4988 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल कई सालों से निर्माणाधीन था. 2015 में इसका शिलान्यास हुआ, 2017 में जमीन पर काम शुरू हुआ, लेकिन कई कारणों से इसकी डेडलाइन तीन बार बढ़ाई गई. अब जाकर यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंचा है, जिससे लोगों का लंबा इंतजार खत्म होने वाला है.

इस ब्रिज के चालू होने से सबसे बड़ा असर महात्मा गांधी सेतु पर पड़ेगा, जहां भारी ट्रैफिक का दबाव कम होगा. साथ ही वैशाली और दियारा इलाकों के लाखों लोगों को पटना से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा. इससे खेती, व्यापार, इंडस्ट्री और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा.

सरकार की योजना है कि राघोपुर दियारा क्षेत्र में आगे चलकर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क भी विकसित किए जाएं. इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और इलाके का समग्र विकास होगा. यह 6 लेन गंगा ब्रिज बिहार के लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है, जो आने वाले समय में राज्य की तस्वीर बदल सकता है.