बिहार चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे पर अब सरगरमी बढ़ने लगी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवरात्र के बाद एनडीए में सीट शेयरिंग एलान की घोषणा की है. हाल ही में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया गया है. चुनाव प्रभारी बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है. धर्मेंद्र प्रधान के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद थे.
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री अमित शाह से नीतीश कुमार ने मुलाकात की थी. जदयू भाजपा के नेताओं ने तब कहा था कि सीट बंटवारे का काम सब कुछ बेहतर ढंग से हो जाएगा. ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान और नीतीश कुमार की मुलाकात से सीट बंटवारे की चर्चा जोर पकड़ने लगी है.
गठबंधन में 5 दल: बिहार में एनडीए में पांच घटक दल हैं. इसमें भाजपा, जदयू के अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हम, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास. तीनों घटक दलों के तरफ से लगातार अधिक सीटों की मांग हो रही है.
सीट शेयरिंग पर चर्चा: धर्मेंद्र प्रधान के बिहार चुनाव प्रभारी बनाए जाने के बाद से ही यह चर्चा शुरू हो गई थी कि अब जल्द ही सीट का बंटवारा हो जाएगा. धर्मेंद्र प्रधान का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी अच्छा संबंध है. दूसरी तरफ बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा अक्टूबर में कभी भी हो सकती है. बहुत ज्यादा समय नहीं है. ऐसे तो एनडीए के तरफ से लगातार विधानसभा सम्मेलन का कार्यक्रम हो रहा है. रविवार को 243 विधानसभा में यह सम्मेलन समाप्त हो जाएगा.
नेताओं का बिहार दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार का लगातार दौरा कर रहे हैं. चुनाव आचार संहिता लगने से पहले लगातार विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी हो रहा है. महिलाओं को ₹10000 देने जैसे बड़े फैसले भी लिए जा रहे हैं. इन सबके बावजूद एनडीए में कई सीटों पर पेंच फंसा हुआ है.
200 से अधिक सीटों पर भाजपा-जदयू: एनडीए में जदयू और बीजेपी बराबर बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, यह तय माना जा रहा है और यह 100 से अधिक सीट होगा यानी 200 से अधिक सीटों पर जदयू और बीजेपी चुनाव लड़ेंगे. उसके बाद जो सीट बच जाएंगे, उसी में चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी को सीट दिया जाएगा.