सीवान : बिहार की कानून-व्यवस्था पर चुनाव के माहौल में एक सनसनीखेज वारदात ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीवान जिले के दरौंदा थाने में पदस्थापित एएसआई अनिरुद्ध कुमार (उम्र करीब 46 वर्ष) की गुरुवार की सुबह गला रेतकर हत्या कर दी गई। उनका शव दरौंदा-महाराजगंज मुख्य सड़क के पास, सिरसाव नवका टोला से सटे अरहर के खेत में मिला।
मृतक एएसआई, अनिरुद्ध कुमार, मूल रूप से मधुबनी जिला के राजपार थाना के कुंनवार गांव निवासी अनंत पासवान के बेटे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह छठ महापर्व मनाने के बाद अपने परिवार को दरभंगा स्थित पैतृक घर छोड़कर, ड्यूटी पर सीवान लौटे थे।
हत्या की वारदात अत्यंत बर्बरतापूर्ण तरीके से अंजाम दी गई। बदमाशों ने हत्या से पहले एएसआई अनिरुद्ध कुमार के साथ भीषण मारपीट की। उनका बायां हाथ टूटा हुआ था, जिससे लगता है कि लोहे के रॉड से उन पर वार किया गया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उनका हाथ-पांव बांध दिया और फिर धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।
घटनास्थल से महत्वपूर्ण सुराग बरामद पुलिस को मिले लोहे के रॉड
वारदात की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में, एसपी मनोज कुमार तिवारी और एसडीपीओ महाराजगंज अमन भी जांच के लिए पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल से लोहे का रॉड, गमछा, टूटा चश्मा, जूते का फीता और चप्पल जैसे महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। शव और सभी जब्त सामानों को फॉरेन्सिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि ये सामान हत्यारों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग देंगे।
पुलिस ने शुरू किया व्यापक अनुसंधान
एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बदमाशों द्वारा एक पुलिस अफसर की हत्या को बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने व्यापक अनुसंधान शुरू कर दिया है और जल्द से जल्द कांड का खुलासा किया जाएगा। यह घटना बिहार में बदमाशों के बेलगाम होने और पुलिस को सीधे चुनौती देने की ओर इशारा करती है।