पटना: 1990 में बिहार में बेपटरी हुई कांग्रेस पार्टी अपनी खोई जमीन तलाश रही है। पार्टी कमोबेश लालू यादव के सहारे राज्य में चल रही है। लेकिन राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बाद विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भर रही है। इसी कड़ी में 24 सितंबर को बिहार विस चुनाव से पहले पार्टी दिग्गजों का जुटान पटना में होगा जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई बड़े चेहरे शामिल होंगे।
पटना के सदाकत आश्रम में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सभी भाग लेंगे। इसके लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है। आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब बिहार को इस आयोजन के लिए चुना गया है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कार्य समिति की बैठक के लिए पटना के चयन का मकसद बिहार में पार्टी की जमीन को मजबूत करना तथा अपना दमखम दिखाना है।
दरअसल, नब्बे के दशक से कांग्रेस सत्ता से दूर है। उसका जनाधार कम हुआ है। अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को पाने के लिए पार्टी ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। राहुल की वोटर अधिकार यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह पनपा। पार्टी इसे बरकरार रखना चाहती है। कार्यसमिति की बैठक पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में होगी। इसको लेकर तैयारियां तेज हैं। बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित सभी वरीय नेता शामिल होंगे। तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और विधायक दल नेता भी आएंगे। ये भी पढ़ें:वोट चोर–गद्दी छोड़’: बिहार में कांग्रेस का बड़ा प्रहार!
आश्रम के पीछे वाले मैदान में रेत भरकर उसे समतल बनाया जा रहा है। वहां जर्मन हैंगर बनाया जा रहा है। सदाकत आश्रम के अलावा पटना में कांग्रेस से जुड़े सभी स्थलों और महापुरुषों की प्रतिमा का रंगरोगन किया जा रहा है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधायक दल नेता शकील अहमद खान, विधानपरिषद दल नेता मदनमोहन झा ने तैयारियों का जायजा लिया। कांग्रेस प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए पटना के चार होटल में कुल 175 कमरे बुक कराए गए हैं।