इधर तेजस्वी CM फेस में उलझे रहे, उधर राहुल ने दिया ‘छक्के वाला धक्का’, टेंशन में लालू!

Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है. एनडीए हो या महागठबंधन सीट शेयरिंग पर माथापच्ची जारी है. महागठबंधन में तो दो-दो मोर्चों पर खटपट है. सीएम फेस पर अब तक राजद को कांग्रेस का साथ नहीं मिला है. अब कांग्रेस उससे एक कदम और आगे बढ़ गई है. कांग्रेस की नई चाल से तेजस्वी यादव और लालू यादव टेंशन में आ जाएंगे. जी हां, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर घमासान और बढ़ गया है. इधर तेजस्वी यादव खुद को सीएम फेस बताने में लगे हैं, उधर राहुल गांधी की कांग्रेस ने बड़ा धक्का दे दिया. कांग्रेस ने 76 सीटों पर ताल ठोक कर राजद की टेंशन बढ़ा दी है.

महागठबंधन में अभी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. चाहे वो सीट शेयरिंग हो या सीएम फेस… राजद और कांग्रेस का मन नहीं मिल पा रहा. पहले तो एक बार भी कांग्रेस ने अब तक तेजस्वी यादव को सीएम फेस के रूप में स्वीकार नहीं किया है. जबकि तेजस्वी यादव कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सामने भी खुद को सीएम फेस घोषित कर चुके हैं. अब कांग्रेस ने 76 सीटों की डिमांड कर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की टेंशन बढ़ा दी है. अब सवाल है कि कांग्रेस ने कैसे तेजस्वी यादव को छक्के वाला धक्का दिया है?

दरअसल, पिछली बार 2020 चुनाव में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं. अब कांग्रेस ने सीधे 6 सीट बढ़ा दी है. कांग्रेस की 70 के बदले 76 सीटों की डिमांड से महागठबंधन में महाभारत के संकेत हैं. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस बिहार की 76 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान बना चुकी है. कांग्रेस ने राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के बाद 76 सीटों को सेलेक्ट कर लिया है. माना जा रहा है कि 24 सितंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. 38 सीटों का ऐलान करने के लिए भी कांग्रेस तैयार है.

कांग्रेस की चाल से टेंशन में राजद
कांग्रेस की इस चाल से राजद में खलबली है. इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि वे सभी 243 सीटों पर लड़ सकते हैं. मगर अब कांग्रेस ने अधिक सीटें मांगकर मामले को और उलझा दिया है. इधर तेजस्वी सीएम फेस पर अड़े हुए हैं. इधर राजद खेमे का कहना है कि कांग्रेस को 70 सीटों पर ही संतोष करना होगा. राजद पिछली बार से अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं है. इसकी वजह है कि 2020 में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा तो था मगर सीटें केवल 19 ही जीत पाई थी.

क्यों प्रेशर पॉलिटिक्स कर रही कांग्रेस
कांग्रेस राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा से उत्साहित है. राहुल गांधी की यात्रा में जिस तरह से भीड़ उमड़ी, उससे कांग्रेस को लग रहा है कि उसकी पकड़ मजबूत हुई है. यही वजह है कि वह महागठबंधन में प्रेशर पॉलिटिक्स खेल रही है. कांग्रेस अभी अपनी ताकत दिखा रही है. वह यह बताना चाहती है कि वह राजद की पिछलग्गू पार्टी नहीं है. हालांकि, दोनों खेमों का कहना है कि अभी सीट शेयरिंग पर बातचीत जारी है. अब देखना होगा कि कांग्रेस की इस डिमांड पर तेजस्वी क्या करते हैं.