महिला बिल पर तेजस्वी यादव ने साधा बिहार CM सम्राट चौधरी पर निशाना, जानिए क्या कहा

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाने की आड़ में परिसीमन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रविवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन उन्हें यह विधेयक समझ नहीं आया है। महिलाओं की आड़ में ये लोग परिसीमन करना चाहते हैं… वे मुख्यमंत्री तो बन गए हैं, लेकिन करेंगे क्या? गुजराती भाई जो कहेंगे, वही करेंगे। दिल्ली के प्रधानमंत्री कार्यालय से लोग उन्हें चलाने के लिए आ रहे हैं।

तेजस्वी का सम्राट पर अटैक
ये टिप्पणियां लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक की हार के बाद आई हैं, जो शुक्रवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा, जिसमें पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े। आज सुबह मुख्यमंत्री चौधरी ने विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि राजनीतिक अवसर कुछ ही परिवारों तक सीमित क्यों हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक के पारित होने से बिहार और राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ जाता। कांग्रेस पार्टी को स्पष्टीकरण देना होगा। जब आपके अपने परिवार के सदस्य सांसद बन रहे हैं, तो इस देश की गरीब महिलाओं को सांसद बनने का मौका कब मिलेगा?

विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विधेयक की विफलता का जश्न मना रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘नारी शक्ति’ के विचार का अपमान बताया। बिहार के रिकॉर्ड पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में केवल 29 महिला विधायक हैं। अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो कम से कम 122 विधायक होतीं। उन्होंने आगे कहा कि 2006 में जब एनडीए सरकार ने पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया, तब से भागीदारी उम्मीद से कहीं अधिक रही है।

बिहार सीएम का आरोप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्तर पर आरक्षण नीतियों के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “आज बिहार में 50 प्रतिशत आरक्षण है, लेकिन 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं चुनाव जीत रही हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित कानून से संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ जाता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आश्वासन दिया था कि सांसदों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी। अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो 816 सांसदों में से 272 महिलाएं होतीं। उन्होंने इसे संरचनात्मक सुधार का एक छूटा हुआ अवसर बताया। चौधरी ने विपक्षी नेताओं पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि वे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का समर्थन चुनिंदा रूप से करते हैं।