Bihar Chunav Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने प्रचंड बहुमित के साथ वापसी की तो वहीं महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इन परिणामों के खिलाफ अब कांग्रेस पार्टी हाईकोर्ट पहुंच चुकी है. बिहार कांग्रेस ने पटना हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करके चुनावों को रद्द करने की मांग की है. कांग्रेस का आरोप है कि 10 हजार रुपया बांटकर चुनाव के दौरान वोट खरीदा गया है. याचिका दायर करने वालों में अमित टुन्ना, ऋषि मिश्रा, प्रवीण कुशवाहा, तौकीर आलम और शशांक शेखर शामिल हैं. इन नेताओं ने अपनी याचिका में आरोप है कि चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने सरकार को गैर-कानूनी तरीके से मदद पहुंचाई. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की ओर से 10-10 हजार रुपये बांटकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की गई.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने बिहार इलेक्शन के दौरान दोहरा मापदंड अपनाया. उन्होंने कहा कि तेलंगाना चुनाव के दौरान उनकी पार्टी (कांग्रेस) मोबाइल फोन देने की योजना बना रही थी, लेकिन निर्वाचन आयोग ने उस पर रोक लगा दी. वहीं बिहार में 10-10 हजार रुपये बांटे गए. चुनावी प्रक्रिया के बीच में भी लोगों के अकाउंट में 10 हजार रुपये आए, इसके बावजूद चुनाव आयोग की ओर से सख्ती नहीं दिखाई गई.
कांग्रेस पार्टी ने हाईकोर्ट का दरवाजा जरूर खटखटाया है, लेकिन किसी सीट पर रिजल्ट का विरोध नहीं किया है. वहीं दूसरी ओर बिहार की चार विधानसभा क्षेत्रों के निवर्चान को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. बिहार की नरपतगंज, मधुबनी, मोहिउद्दीननगर और टेकारी विधानसभा सीट से हारे हुए प्रत्याशियों ने परिणाम के खिलाफ पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से राजद उम्मीदवार मनीष यादव, मधबनी विधानसभा सीट से रालोजपा उम्मीदवार गणेश कुमार महरान, मोहिउद्दीननगर से राजद उम्मीदवार डॉ. इज्या यादव और टेकारी विधानसभा सीट से हम उम्मीदवार डॉ. अनिल कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके परिणामों को चुनौती दी है.