पटना: बिहार सरकार गंगा के किनारे बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना बना रही है. ऐसे में मनेर से बक्सर के बीच 90 किलोमीटर लंबे बांध पर विश्वामित्र पथ नाम से नई फोर लेन की सड़क बनाने की तैयारी है. यह सड़क पटना से बक्सर के बीच दूसरी सबसे बढ़िया कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. आइये जानते हैं सड़क के बारे में.
जानें विश्वामित्र पथ की खासियत
बता दें कि इस विश्वामित्र पथ की कुल लंबाई 125 किलोमीटर होगी. इसके लिए जाम से बचाने के लिए सोन नदी पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा. यहां सड़क ज्यादातर हिस्से में गंगा के बांध पर बनेगी. जहां बांध नहीं है, वहां नया बांध बनाकर सड़क का निर्माण किया जाएगा. यह पूरी तरह एट-ग्रेड (सतह पर) सड़क होगी, एलिवेटेड नहीं. बिहार राज्य पथ विकास निगम ने इसके लिए सर्वे एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 27 मई को प्री-बीडिंग मीटिंग होगी और 10 जून को एजेंसी का चयन किया जाएगा. इस चयनित एजेंसी को 6 महीने में सर्वे पूरा कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना होगा. इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर निकाला जाएगा.
बिहार राज्य पथ विकास निगम तीन महत्वपूर्ण सड़कों के सर्वे के लिए एजेंसी की तलाश कर रही है. इनमें शामिल हैं, विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर) जो कि 90 किमी है. जबकि दूसरा गंगा-अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा), 56 किमी है. इसके अलावा तीसरा नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट, गोपालगंज) 73.51 किमी है. बता दें कि ये सभी सड़कें गंगा किनारे बनेंगी और पीपीपी मॉडल पर विकसित की जाएंगी. यहां एजेंसी टोल के जरिए निवेश वसूलेगी.
जेपी गंगा पथ फेज-2 का काम शुरू
इसके अलावा दीघा से कोईलवर तक जेपी गंगा पथ फेज-2 का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इसकी कुल लंबाई 35.65 किमी है. शेरपुर से कोईलवर तक 17.65 किमी बांध पर एट-ग्रेड फोरलेन सड़क और दीघा से शेरपुर तक 18 किमी एलिवेटेड फोरलेन सड़क बनेगी. पूरे प्रोजेक्ट पर 5500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके चार साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है.