BJP and JDU: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ तो ले ली है, लेकिन बीजेपी और जेडीयू के बीच मामला फंसता दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय को लेकर बीजेपी और जेडीयू में अंदरूनी रार चल रही है. बीजेपी मुख्यमंत्री पद के साथ गृह मंत्रालय लेने के लिए अड़ी हुई है तो दूसरी ओर, नीतीश कुमार की पार्टी का कहना है कि अभी गृह मंत्रालय बीजेपी के पास है तो अब यह जेडीयू के पास होना चाहिए. बताया जा रहा है कि इसी कारण पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात किए बगैर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना लौट रहे हैं. उधर, बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक भी रद्द कर दी गई है. बताया जा रहा है कि शाम 5 बजे की फ्लाइट से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा 6 बजे की फ्लाइट से पटना लौट रहे हैं.
पिछले 20 साल से गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद ही संभाल रहे थे. 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद वाली सरकार में नीतीश कुमार ने गृह मंत्रालय तो छोड़ दिया था, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास रखा हुआ था. अब जबकि बीजेपी का मुख्यमंत्री बनाने की बात हो रही है तो जेडीयू गृह मंत्रालय के लिए अड़ गई है. यही कारण है कि 11 अप्रैल को पटना लौटने वाले नीतीश कुमार ताजा घटनाक्रम में 10 अप्रैल को ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद पटना लौट गए हैं. उनकी पीएम मोदी और अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात भी नहीं हो पाई है.
अब बताया जा रहा है कि पटना में राज्यसभा सदस्य और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी बैठक कर इस मसले को सुलझाएंगे और उसके बाद बात आगे बढ़ेगी. इस बीच यह भी खबर है कि बीजेपी बिहार में नीतीश कुमार के कद का नेता खोज रही है, जिसे बिहार की जिम्मेदारी दी जा सके.