बिहार में किन मंत्रियों-विधायकों को मिलेंगे दो आवास? नीतीश सरकार ने रख दी हैं ये शर्तें

पटना: क्या बिहार के मंत्रियों का एक सरकारी बंगले से काम नहीं चल रहा था? ये सवाल बिहार सरकार की ओर से मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति व उपसभापति और विधानसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को अतिरिक्त सरकारी आवास देने के फैसले पर उठ रहा है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग में केंद्रीय पूल से पहले से आवंटित आवास के अलावा, विधानमंडल पूल से भी विधानसभा क्षेत्र के लिए चिह्नित आवास उन्हें सशर्त रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले के बाद इन पदाधिकारियों को दो-दो सरकारी बंगले मिल सकेंगे। आइए जानते हैं इसकी शर्तें…

वरिष्ठ विधायकों के लिए भी अतिरिक्त आवास का प्रावधान
बिहार की नीतीश सरकार ने विधानमंडल के ऐसे वरिष्ठ सदस्य, जो वर्तमान में मंत्रिपरिषद के सदस्य नहीं हैं, उन्हें भी अतिरिक्त आवास देने का फैसला किया है। विधानमंडल पूल में निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार, चिह्नित आवास के अलावा पटना के केंद्रीय पूल से कुल 15 आवास मानक किराए पर सशर्त आवंटित किए जाएंगे।

केंद्रीय पूल से अतिरिक्त आवास किन सदस्यों को मिलेगा?
भवन निर्माण विभाग में केंद्रीय पूल ने आवास के लिए कुछ शर्ते तय हैं। शर्तों के मुताबिक, जो छह या उससे अधिक बार विधानमंडल के सदस्य रहे हों, उन्हें आवास मिलेगा। कम-से-कम एक बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों, कम-से-कम तीन बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों या पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री रह चुके हों, ऐसे सदस्यों को ही दूसरा आवास मिलेगा।

भवन निर्माण विभाग के सचिव ने क्या कहा?
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों के लिए विधायक आवासन परिसर में कुल 243 आवासों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक आवास का निर्मित कवर क्षेत्रफल 3681 वर्ग फीट है। इन्हें विधानसभा क्षेत्रवार चिह्नित किया गया है। वहीं, विधान परिषद के सदस्यों के लिए विधान पार्षद आवासन परिसर में 75 आवास बनाए गए हैं, जिनका निर्मित कवर क्षेत्रफल भी 3681 वर्ग फीट है। इन्हें भी निर्वाचन क्षेत्रवार चिह्नित किया गया है। चिह्नित आवास के अलावा दिए जाने वाले अतिरिक्त आवास के लिए सदस्यों को पहले से तय मानक किराया देना होगा।