Pappu Yadav: भारतीय संसदीय इतिहास में 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन भारी उथल-पुथल भरा रहा. एक तरफ जहां सरकार की तरफ से लाया गया संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 सदन में जरूरी बहुमत न मिलने की वजह से गिर गया. वहीं, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के एक सनसनीखेज बयान ने पूरी राजनीति में भूचाल ला दिया.
‘हमाम में सब नंगे हैं’, पप्पू यादव का विस्फोटक दावा
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान सांसद पप्पू यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सीधा प्रहार किया. उन्होंने सदन में दावा किया कि देश में महिलाओं के प्रति अपराधों में सबसे ऊपर नेता वर्ग है. पप्पू यादव ने कहा कि 755 सांसदों पर यौन शोषण के आरोप हैं और 155 पर चार्जशीट दाखिल है. भारत में अगर यौन शोषण के मामले में कोई नंबर वन है, तो वह नेता हैं, उसके बाद बाबा और फिर अधिकारी. हमाम में हम सब नंगे हैं.
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि हर डाल पर उल्लू बैठा है, अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा? सांसद पप्पू यादव ने यहां तक आरोप लगाया कि इंटरनेट पर पोर्न देखने की सर्वाधिक प्रवृत्ति भी नेताओं में ही है. उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिना किसी विशेषज्ञ समिति या राज्यों से परामर्श किए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने की ऐसी क्या जल्दबाजी थी?
क्यों गिरा बिल?
साल 2029 के चुनावों से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने का सरकार का सपना फिलहाल टूट गया है. विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, जिसे जुटाने में सरकार विफल रही.
पक्ष में वोट: 298
विरोध में वोट: 230
54 वोटों से गिरा महिला आरक्षण बिल