‘विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती’, एक बार फिर छलका रोहिणी आचार्य का दर्द

Rohini Acharya Post: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में शुरू हुई आपसी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. बिहार विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए घर छोड़ दिया. उन्होंने खुद के साथ मारपीट किए जाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए. अब एक बार फिर रोहिणी आचार्य ने अपना दर्द साझा किया है. रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर अपने और परायों की बात की है.

‘हैरानी तो तब होती है, जब…’
रोहिणी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी बड़ी विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती. अपने और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी नए बने अपने ही काफी होते हैं. हैरानी तो तब होती है, जब जिसकी वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर अपने ही आमादा हो जाते हैं. जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है. तब ‘विनाशक’ ही आंख – नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है.’

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब रोहिणी ने कुछ ऐसा पोस्ट किया हो. बिहार विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद रोहिणी ने एक्स पर एक इमोशनल पोस्ट किया था. उन्होंने लिखा था, ‘कल (15 नवंबर) मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी. सभी बेटी – बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा – भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं , अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे’.

रोहिणी ने आगे लिखा था, ‘सभी बहन – बेटियां अपना घर – परिवार देखें, अपने माता – पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें, मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया. आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो.’