जाम छलकाने वालों को झटका, 20% तक महंगी होगी शराब! सरकार नहीं कंपन‍ियां तय करेंगी दाम

Liquer Price Hike: अगर आप भी जाम छलकाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपको झटका दे सकती है. जी हां, आने वाले द‍िनों में शराब की कीमत में 10 से 20 प्रत‍िशत का इजाफा हो सकता है. कर्नाटक सरकार ने एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty और Fees) नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी क‍िया है. इसके बाद कर्नाटक में शराब और बीयर पर टैक्स लगाने के 60 साल पुराने स‍िस्‍टम में बदलाव होगा. सरकार ने सिस्टम में सुधार करते हुए Alcohol-in-Beverage (AIB) बेस्‍ड एक्साइज ड्यूटी का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी क‍िया है.

यद‍ि इस न‍ियम को लागू कि‍या गया तो कर्नाटक देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जहां पर शराब पर टैक्स उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा (Alcohol Content) के बेस पर लगेगा. अभी तक टैक्‍स्‍ बोतल के कुल वॉल्यूम या एमआरपी (MRP) स्लैब के आधार पर लगाया जाता है. सरकार की तरफ से कर्नाटक एक्साइज रूल्स, 2026 में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है. यह बदलाव कर्नाटक एक्साइज एक्ट, 1965 के तहत किया जा रहा है.

क्‍या है AIB बेस्‍ड टैक्स सिस्टम?
अभी तक बोतल की एमआरपी (MRP) स्‍लैब के आधार पर टैक्‍स लगता है. यानी शराब की कीमत के हिसाब से अलग-अलग टैक्स स्लैब थे. लेक‍िन अब नए स‍िस्‍टम के तहत बोतल में मौजूद अल्कोहल (Pure Alcohol) की मात्रा के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा.

क्‍या हैं प्रस्‍ताव‍ित दरें
डिस्टिल्ड स्पिरिट्स (व्हिस्की, रम, जीन, ब्रांडी आदि) को डिस्ट्रीब्यूटर को सप्‍लाई करने पर 1,000 रुपये प्रत‍ि लीटर की शुद्ध अल्‍कोहल एक्साइज ड्यूटी.

बोतलबंद बीयर पर डिस्ट्रीब्यूटर लेवल पर 1,000 रुपये प्रत‍ि लीटर का शुद्ध अल्कोहल.

डिफेंस और पैरामिलिट्री कैंटीन में रिटेल बीयर पर पुराना सिस्टम जारी रहेगा. 5% ABV तक 12 रुपये प्रति बल्‍क लीटर और 5-8% ABV तक 20 रुपये प्रत‍ि बल्क लीटर.

सरकार शराब की खुदरा कीमतें तय करना धीरे-धीरे बंद कर सकती है. कीमत कंपन‍ियों की तरफ से खुद तय की जा सकेंगी.

आम आदमी पर क्या होगा असर?
देश में तैयार की जाने वाली सस्‍ती शराब (IMFL) जैसे व्हिस्की, रम, जीन, ब्रांडी (करीब 42.8% अल्कोहल) के पहले चार स्लैब थे. लेकिन अब इनकी कीमत में 10 से 20 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है.

महंगी प्रीमियम शराब जैसे स्कॉच, हाई-एंड स्पिरिट्स के दाम में कमी हो सकती है.

हल्की या माइल्ड बीयर (5% ABV से कम) पर Tax कम हो सकता है. इससे भी कीमत में कमी आएगी.

इसका असर यह होगा क‍ि सस्‍ती शराब पीने वालों पर बोझ बढ़ेगा, यानी उनकी शराब महंगी होगी. जबक‍ि प्रीमियम शराब पीने पर क‍िसी तरह का अत‍िर‍िक्‍त बोझ नहीं होगा. इनके दाम में कमी हो सकती है.

क्यों होने जा रहा बदलाव?
टैक्स को अल्कोहल की मात्रा पर लागू करने का मकसद यह है ताकि ज्यादा अल्कोहल वाली शराब पर ज्यादा Tax लगाया जा सके.

राज्य का एक्साइज रेवेन्यू बढ़ाना. कर्नाटक सरकार ने इस बार 45,000 करोड़ रुपये का लक्ष्‍य रखा है.

इससे पब्लिक हेल्थ को बढ़ावा द‍िया जा सकेगा. मॉडरेशन (कम अल्कोहल) वाली शराब को प्रोत्साहन म‍िलेगा.

Brewers Association of India (BAI) की तरफ से ड्राफ्ट का स्वागत किया गया है. बीएआई (BAI) का कहना है कि इससे राज्‍य का रेवेन्यू बढ़ने के साथ ही पब्लिक हेल्थ में भी सुधार होगा.

कब से लागू होगा नया न‍ियम?
नया न‍ियम कब से लागू होगा? इसको लेकर अभी तारीख तय नहीं है. यह ड्रॉफ्ट अभी शुरुआती स्टेज पर है. इस पर आम जनता, इंडस्‍ट्री और वित्त विभाग आपत्तियां या सुझाव दे सकते हैं. इसे स‍िस्‍टेमेट‍िक तरीके से अप्रैल 2026 से लागू करने का प्‍लान है. पूरी तरह लागू होने में तीन से चार साल का समय लग सकता है.