Relief for Married Taxpayers : मोदी सरकार यूनियन बजट 2026 से पहले शादीशुदा टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने की योजना बना रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय एक ऑप्शनल जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है. ये सिस्टम पति और पत्नी दोनों को मिलकर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की इजाजत देगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे उन परिवारों को सबसे अधिक फायदा होगा जिनमें सिर्फ एक ही कमाने वाला सदस्य है. अभी, ऐसे परिवार बिना कमाने वाले जीवनसाथी की टैक्स छूट और स्लैब बेनिफिट्स का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं, जिससे टैक्स का बोझ अधिक होता है.
क्या हैं टैक्स के नियम?
इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने सुझाव दिया है कि भारत को जॉइंट टैक्स फाइलिंग का ऑप्शन शुरू करना चाहिए. USA और जर्मनी में जहां एक परिवार को एक सिंगल इकोनॉमिक यूनिट माना जाता है, वहीं सिस्टम लागू होता है.
बढ़ाई जा सकती है बेसिक छूट की लिमिट
जॉइंट टैक्सेशन के तहत पति और पत्नी की कुल इनकम पर एक साथ टैक्स लगेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेसिक छूट की लिमिट बढ़ाई जा सकती है. होम लोन के ब्याज, मेडिकल इंश्योरेंस और दूसरे भत्तों के लिए कटौतियों को ज़्यादा बेहतर तरीके से एडजस्ट किया जा सकता है. अगर दोनों पति-पत्नी कमाते हैं, तब भी वे अलग-अलग स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए एलिजिबल हो सकते हैं.
सरचार्ज पर मिलेगी राहत!
मोदी सरकार सरचार्ज पर राहत दे सकती है. ये ध्यान रखना जरूरी है कि अभी, 50 लाख रुपये से अधिक की इनकम पर सरचार्ज लगता है, लेकिन जॉइंट टैक्सेशन के तहत ये लिमिट बढ़ाकर 75 लाख रुपये या उससे अधिक की जा सकती है. सरचार्ज में बढ़ोतरी से अधिक टैक्स ब्रैकेट वाले परिवारों को भी बड़ी राहत मिल सकती है. यूनियन बजट 2026-27 को 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश करेंगी. बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसे भारत के टैक्स सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा.