सोना औकात से बाहर तो चांदी सुनार की दुकान से गायब…गोल्ड- सिल्वर के पीछे पड़े ट्रंप

Gold-Silver Rate:सोने की कीमत आसमान छू रही है. MCX पर आज सोने ने नया रिकॉर्ड बना रहा है.सोने की कीमत 1.28 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू रही है. जबकि चांदी की कीमत ने पहली बार 1.66 लाख प्रति किलोग्राम के आंकड़े को छू लिया है.सोने की ऊंची कीमत ने खरीदारों की मुश्किल बढ़ा दी है. लोग 24 और 22 कैरेट के बजाए शगुन के लिए 18 और 9 कैरेट वाले सोने के गहने खरीद रहे हैं. सोने की कीमत घटने की फिलहाल को उम्मीद नहीं दिख रही है. ऐसे में सस्ते सोने का इंतजार कर रहे लोगों को निराशा हाथ लगी है.

24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट वाले सोने की कीमत
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी सोने-चांदी की कीमत के मुताबिक आज 24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक के सोने की कीमत कुछ इस तरह से हैं.

24 कैरेट वाले सोने की कीमत 126792 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट वाले सोने की कीमत 161141 रुपये प्रति 10 ग्राम.
18 कैरेट वाले सोने की कीमत 95094 रुपये प्रति 10 ग्राम.
14 कैरेट वाले सोने की कीमत 74173 रुपये प्रति 10 ग्राम
1 किलो चांदी की कीमत 17647 रुपये पर पहुंच गया.

बाजार में चांदी की किल्लत

हो सकता है कि आज इस बार जब दिवाली-धनतेरस पर खरीदारी के लिए सुनार की दुकान पर जाए तो आपको चांदी के सामानों की वैरिइटी नहीं दिखे. चांदी की मांग इतनी बढ़ी कि उसकी शॉर्टेज हो गई है. चांदी के आयात में कमी आई है. कमी इतना बढ़ी कि म्यूचुअल फंड कंपनियों ने सिल्वर ETF पर नए निवेश पर रोक लगा दी है. इस कमी के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं. सिल्वर की बढ़ती कीमत और डिमांड के पीछे ट्रंप का कनेक्शन निकलकर सामने आया है. अमेरिका ने ऐसा नियम बनाया है कि चांदी की कमी हो गई है. दरअसल अमेरिका ने चांदी को क्रिटिकल मिनरल्स की लिस्ट में डालने की तैयारी कर ली है. ऐसा पहली बार हुआ है कि चांदी को एक महत्वपूर्ण खनिज के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया है. अगर ऐसा होता है तो लिथियम, दुर्लभ मृदा और कोबाल्ट जैसे धातुओं की तरह से चांदी पर भी नियम लागू होंगे. बता दें कि इन धातुओं को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों के रूप में स्थापित किया गया है. न तेल और न सोना,क्या है वो दुर्लभ चीज जिसके लिए भिड़ गए अमेरिका और चीन, ड्रैगन ने मरोड़े कान तो भारत के सामने गिड़गिड़ाने लगे डोनाल्ड ट्रंप !

क्यों भाग रही चांदी की कीमत

चांदी की किल्लत और बढ़ती कीमत के पीछे कई फैक्टर्स हैं. जिसमें से बड़ी वजह उत्पादन में गिरावट, अमेरिका की ओर से चांदी को क्रिटिकल मेटल लिस्ट रखने का प्रस्ताव है. इसके अलावा चांदी का बढ़ता इंडस्ट्रियल इस्तेमाल, दुनियाभर के सेंट्रल बैंक की ओर से चांदी की खरीदारी में बढ़ोतरी सबसे प्रमुख वजह है. एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 और 2030 के बीच चांदी के उत्पादन में करीब 1% वार्षिक कमी का अनुमान है. मांग के मुकाबले सप्लाई में कमी होने से चांदी की कीमत तेजी से भाग रही है. टैरिफ की वजह से दुनियाभर के देशों में संशय की स्थिति बनी हुई है. निवेशक परेशान है. टैरिफ की वजह से ट्रेड वॉर की स्थिति बनती जा रही है. वहीं अमेरिका और चीन के बीच ताजा ट्रेड तनाव के जरिए निवेशक सेफ हेवन यानी सोने-चांदी का रुख कर रहे हैं. मांग बढ़ने से सोने की कीमत बढ़ रही है.

सोना सस्ता होने की उम्मीद छोड़ दीजिए
गोल्ड रेट में आ रहे इस उछाल के बाद यह साफ कहा जा रहा है कि सोने की डिमांड में कमी नहीं आ रही है. फिजिकल गोल्ड का डिमांड बढ़ रहा है. निवेशकों की ओर से बढ़ रही डिमांड, जियोपॉलिटिकल टेंशन, केंद्रीय बैंकों की ओर से बढ़ रही खरीदारी सबसे प्रमुख वजह है. कज़ाख़स्तान , बुल्गारिया, अल सल्वाडोर, अजरबेजान, पोलैंड की ओर से सोने की ताबड़तोड़ खरीदारी हो रही है. ऐसे में सोने की कीमत में फिलहाल कमी आने की उम्मीद कम है.