नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में लंबे समय तक चली रिकॉर्ड-तोड़ तेजी के बाद, निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की है। इसके नतीजे में ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में गिरावट आई और वे नीचे खिसक गए। इस वजह से भारत ने ग्लोबल मार्केट कैप रैंकिंग में फिर से पांचवां स्थान हासिल कर लिया है, जबकि इससे पहले भारत सातवें स्थान पर फिसल गया था। आइए जानते हैं किसका कितना मार्केट कैप है।
कितना है भारत का मार्केट कैप?
भारत का मार्केट कैप अभी $5.05 ट्रिलियन है, जबकि ताइवान और दक्षिण कोरिया क्रमशः $4.97 ट्रिलियन और $4.66 ट्रिलियन के मार्केट कैप के साथ छठे और सातवें स्थान पर खिसक गए हैं। यानी इन दोनों का मार्केट कैप $5 ट्रिलियन के नीचे आ गया है। इस लिस्ट में अमेरिका टॉप (79.6 ट्रिलियन डॉलर) स्थान पर बना हुआ है, उसके बाद चीन (15.23 ट्रिलियन डॉलर), जापान (8.59 ट्रिलियन डॉलर) और हांगकांग (6.61 ट्रिलियन डॉलर) हैं।
ग्लोबल मार्केट से बेहतर रहा भारत का परफॉर्मेंस
जून में अब तक ग्लोबल इक्विटी मार्केट का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, जबकि भारतीय मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया। निवेशकों ने तेजी से बढ़ रहे टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में मुनाफा वसूली जारी रखी। इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से और अधिक टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
जून में सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े
जून में अब तक, डॉलर के हिसाब से भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 3.8 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं BSE MidCap 150 इंडेक्स और BSE SmallCap 250 इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत की बढ़त हुई है।
कितना बढ़ा भारत का मार्केट कैप?
जून महीने के दौरान, भारत का मार्केट कैप 2.75 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के मार्केट कैप में क्रमशः 4.7 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े बाजार अमेरिका और चीन हैं। इस महीने इनके मार्केट कैप में स्थिरता रही।
जापान के मार्केट कैप में 1.06 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि हांगकांग का मार्केट कैप 8.3 प्रतिशत गिर गया। कनाडा का मार्केट कैप 3.1 प्रतिशत, यूके का मार्केट कैप 1.9 प्रतिशत, फ्रांस का मार्केट कैप 1.1 प्रतिशत और जर्मनी का मार्केट कैप 5.6 प्रतिशत कम हुआ।