27 तारीख को 27 देशों के साथ भारत की ‘महाडील’, ट्रंप ने टैरिफ से जितना लूटा, उसका 10 गुना कमा लेगा भारत?

India-EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे वक्त से अटकी डील पर मुहर लग गई है. भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट गेमचेंजर साबित होगा. इस डील से भारत के लिए यूरोप के 27 देशों के बाजार आसान हो जाएंगे. भारत-ईयू एफटीए से भारत के निर्यात में ₹6.4 लाख करोड़ की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. भारत के मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स के लिए यूरोपीय देशों का बाजार के दरवाजे बिना किसी रुकावट के खुल जाएंगे.

भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील में क्या खास ?
27 जनवरी को भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड डील से करीब 96.6फीसदी यूरोपीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ घट जाएगा या फिर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. जिन चीजों पर अभी 50 से 150 फीसदी तक इंपोर्ट ड्यूटी लगता है वो घटकर या तो शून्य या फिर 20 फीसदी हो जाएगा.इस डील से भारत के साथ कारोबार कर रही यूरोपीय कंपनियों को करीब 4 अरब यूरो की बचत होगी. अगर भारतीय निर्यातकों की बात करें तो उनके लिए यूरोपीय संघ के बाजार में 99 फीसदी से ज्यादा निर्यात पर टैक्स में छूट मिलेगी और 27 देशों के मार्केट का एक्सेस मिल जाएगा. कार, बीयर से लेकर प्रीमियम शराब तक…भारत-EU फ्री ट्रेड डील से क्या-क्या होगा सस्ता, आपके लिए क्यों खास है ये डील ?

भारत-ईयू डील के बाद क्या-क्या बदलेगा ?

प्रोडक्ट के नाम

पहले का टैरिफ (% में)

डील के बाद टैरिफ (% में)
मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंस 44 % 0%
विमान, स्पेस अप्लायंस 11% 0%
ऑप्टिकल,मेडिकल,सर्जिकल इक्विपमेंट 27.5% 0%
प्लास्टिक ​
16.5% 0%
व्हीकल्स 110% 10 (quota of 250k)
मेटल और स्टील 22% 0%
फार्मास्युटिक्ल्स,मेडीसीन 11 % 0%
वाइन 150% 20% (प्रीमियम रेंज);30% (मीडियम रेंज)
अल्कोहल 150% 40 %
बियर 110 % 50%
ऑलिव ऑयल, वेजिटेबल ऑयल 45 % 0%
फ्रूट जूस , नॉन-अल्कॉहोलिक बियर 55 % 0%
शीप मीट 33% 0%
सॉसेज, मीट 110% 50%
स्टोन , पर्ल्स, मेटल्स ​
22.5% 0%
केमिकल्स 22 0%
ईयू के साथ FTA डील से भारत क्या अमेरिकी टैरिफ की भरपाई कर सकता है ?

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगा रखा है. इस टैरिफ की वजह से भारतीय निर्यात क्षेत्र को करीब 6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. Emkay Global ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में लिखा है कि भारत और यूरोप के बीच इस FTA डील से भारतीय निर्यात का ट्रेड सरप्‍लस करीब 50 अरब डॉलर बढ़ जाएगा. यानी जितना अमेरिकी टैरिफ से भारत के निर्यात को नुकसान हुआ, उससे करीब 10 गुना भारत के निर्यात को इस डील से फायदा होगा.

भारत के इन सेक्टर्स को मिलेगा बूस्ट , जिन्हें अमेरिकी टैरिफ ने तोड़ा ?

PIB की रिपोर्ट के मुताबिक भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील से भारत के टेक्सटाइल,रेडीमेंट गारमेंट्स,कपड़ों उद्योगों, चमड़ा उद्योगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर , आईटी सेक्टर को बूस्ट मिलेगा. टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स पर जीरो टैरिफ से 263.5 अरब डॉलर के प्रोडक्ट्स यूरोपीय संघ के बाजारों में पहुंचेंगे. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस डील के साथ ही यूरोप को 6.41 लाख करोड़ का सामान निर्यात किए जाने के लिए तैयार है. यानी अमेरिका टैरिफ से जरिए भारत को जितना नुकसान पहुंचाना चाहता था, भारत ने इस मेगा डील के साथ उसे पूरा करने की पहल कर दी.

भारत-EU FTA डील से अमेरिका और चीन में क्यों मची है खलबली ?

27 देशों का समूह वाला यूरोपीय यूनियन की GDP लगभग 22.52 ट्रिलियन डॉलर है. इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि भारत और यूरोपीय यूनियन के इस डील से पहले अमेरिका में खलबली मच गई. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी जैसे देशों वाला इस समूह के भारत के साथ जुड़ने से चीन परेशान हो गया है. इस फ्री ट्रेड डील से भारत और यूरोपीय संघ के लिए 200 करोड़ का बड़ा बाजार तैयार हो गया है. भारत और ईयू के डील के साथ अमेरिका और चीन दोनों की दादागिरी कम होगी. अमेरिका और चीन पर निर्भरता कम होगी. इस डील के साथ ग्लोबल ऑर्डर बदल जाएगा. भारत के साथ रूस पहले से है, अब यूरोप के साथ डील होने से चीन और अमेरिका की दखल कम हो जाएगी.