नई दिल्ली. रतन टाटा का सेशेल्स स्थित खूबसूरत बीचफ्रंट विला बिकाऊ है. यह विला माहे द्वीप के शांत और आकर्षक समुद्र तट पर बना है. सेशेल्स में बाहरी व्यक्ति प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता. लेकिन, रतन टाटा को इस नियम से छूट दी गई थी. इस विला को खरीदने में एयरसेल के संस्थापक सी. शिवशंकरन ने रतन टाटा की मदद की थी. टाइम्स ऑफ इडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब शिवशंकरन और उनके परिवार ने ही रतन टाटा के विला को खरीदने में रुचि दिखाई है. शिवशंकरन के पास सेशेल्स की नागरिकता है. अगर यह विला बिक जाता है तो इसकी बिक्री से मिली रकम रतन टाटा एंडॉवमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडॉवमेंट ट्रस्ट को जाएगी.
रतन टाटा ने अपनी वसीयत में सेशेल्स वाला विला को अपनी निवेश संस्था RNT Associates के नाम कर दिया था. यह सिंगापुर में पंजीकृत है और भारत के कई उभरते स्टार्टअप्स को फंडिंग दे चुकी है. विला का मूल्यांकन पेशेवर थर्ड-पार्टी विशेषज्ञों ने किया है और इसकी अनुमानित वैल्यू सिर्फ 85 लाख रुपये आंकी गई है. सूत्रों के अनुसार, एयरसेल के संस्थापक सी. शिवशंकरन और उनके परिवार या सहयोगी इस बीचफ्रंट विला को खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. वे इसे 6.2 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 55 करोड़ रुपये में खरीदना चाहते हैं.
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हालांकि, शिवशंकरन से जब रतन टाटा के विला को खरीदने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता आप किस बारे में बात कर रहे हैं.” उनके इंकार से पता चलता है कि बातचीत जरूर चल रही है, लेकिन अभी कोई डील फाइनल नहीं हुई है. रतन टाटा को यह संपत्ति खरीदने में मदद देने वाले शिवशंकरन ही थे, जो सेशेल्स के नागरिक हैं. सेशेल्स के कानूनों के अनुसार, केवल नागरिक ही वहां संपत्ति खरीद सकते हैं. चूंकि रतन टाटा सेशेल्स के नागरिक नहीं थे, इसलिए उन्हें विशेष छूट दी गई क्योंकि वे एक वैश्विक उद्योगपति और परोपकारी व्यक्ति थे जिनका प्रभाव सीमाओं से परे था. शिवशंकरन ने टाटा की टेलीकॉम कंपनी में निवेश भी किया था.
टाटा मोटर्स पर डाक टिकट जारी कर चुका है सेशेल्स
1982 में सेशेल्स ने टाटा मोटर्स के परिवहन योगदान की सराहना करते हुए एक स्मारक टिकट जारी किया था. 2004 के बाद कुछ समय के लिए इंडियन होटल्स (ताज) ने सेशेल्स में डेनिस आइलैंड की संपत्ति का प्रबंधन भी किया था. वर्तमान में टाटा मोटर्स और ताज दोनों का ही इस पूर्वी अफ्रीकी देश में कोई व्यावसायिक हित नहीं है.
रतन टाटा के काफी करीब थे शिवशंकरन
सी. शिवशंकरन और रतन टाटा के रिश्ते बेहद खास थे. शिवशंकरन बताते हैं कि लगातार सात साल तक वे हर सुबह 7:15 बजे मुंबई में रतन टाटा के बख्तावर अपार्टमेंट पहुंचते थे. लगभग 45 मिनट वे रोज साथ समय बिताते थे. कई बार वे जब जाते, तो देखते कि रतन टाटा मीटिंग के दौरान ही वर्कआउट कर रहे होते थे. ऐसा वे समय बचाने को करते थे.
एक घटना का जिक्र करते हुए शिवशंकरन ने बताया कि एक बार सिंगापुर से सेशेल्स की फ्लाइट में इंजन फेल हो गया था. यात्रियों को विमान दुर्घटना की आशंका तक बता दी गई थी. शिवशंकरन घबरा गए और अपने बेटे को अपना जीमेल पासवर्ड तक भेज दिया. लेकिन रतन टाटा शांत होकर बोले, “पायलटों को अपना काम करने दो.”