‘कश’ लगाना अब अमीरों के बस की बात! सिगरेट पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी टैक्स, 40% GST पहले से…

Cigarettes Price Hike: स्मोकिंग करने वालों को साल के पहले दिन ही बड़ा झटका लगा है. भारत सरकार ने सिगरेट, तंबाकू पर नई एक्साइइज ड्यूटी लागू कर दिया है. 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाया गया है. सरकार के फैसले के बाद सिगरेट के दामों में तेज बढ़ोतरी तय है. हालांकि अभी सिगरेट कंपनियों की ओर से बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया है.

10 करोड़ से ज्यादा लोग करते हैं स्मोकिंग
नए नियम के तहत सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी उसकी लंबाई के आधार पर तय की जाएगी.सरकार ने साफ किया है कि सिगरेट जितनी लंबी होगी, उस पर टैक्स उतना ही ज्यादा लगेगा. भारत में फिलहाल सिगरेटों पर करीब 53 फीसदी टैक्स लगता है, जिसमें 28 फीसदी जीएसटी है, जिसे बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया था, बाकी बाकी मूल्य आधारित शुल्क होता है. ये टैक्स WHO के मानक से कम है, जिसमें धूम्रपान को हतोत्साहित करने के लिए सिगरेटों पर 75 फीसदी टैक्स लगाने की वकालत की गई है भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग स्मोकिंग करते हैं. सरकार की इस फैसले से उन्हें बड़ा झटका लगेगा. सिगरेट पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी टैक्स

कितना लगेगा एक्साइज ड्यूटी
नई दरों के अनुसार सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी प्रति 1 000 स्टिक 2 050 रुपये से लेकर 8500 रुपये तक होगी. यह नया टैक्स मौजूदा 40 फीसदी जीएसटी से अलग होगा. माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से सिगरेट की कीमत में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है. वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025 एक फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर होने वाले खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है. यह बिल दोनों सदनों में पहले ही पारित हो चुका है.

गुटखा, पान मसाला, तंबाकू पर भारी भरकम टैक्स
इस एक्ट के तहत गुटखा, पान मासला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर भारी-भरकस टैक्स लगाया जाएगा. इस एक्ट की खास बात यह है कि इसमें टैक्स उत्पादन की वास्तविक मात्रा पर नहीं, बल्कि मशीन की उत्पादन क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा. नोटिफिकेशन में बताया गया कि इसमें पैकिंग मशीनों की सहायता से निर्मित और पाउच में पैक किए गए चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा को निर्दिष्ट किया गया है, जिन पर मशीन की क्षमता और खुदरा विक्रय मूल्य के आधार पर शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है.

सरकार ने बताया कि तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू, गुटखा) के लिए एक नई मूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है, जिसके तहत पैकेज पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) के आधार पर जीएसटी मूल्य निर्धारित किया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 2025 लागू होने के साथ ही तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर नया टैक्स सिस्टम लागू हो जाएगा. इससे तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन सेस भी समाप्त हो जाएगा. नई प्रणाली से तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर टैक्स में इजाफा हो सकता है. आईएएनएस