Salary Account For Govt Staff: यदि आप भी केंद्रीय कर्मचारी हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी. जी हां, सरकार की तरफ से कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा और सुविधा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के साथ मिलकर कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज लॉन्च किया है. इसके तहत एक ही अकाउंट में बैंकिंग, इंश्योरेंस और कार्ड से जुड़ी तमाम सुविधाएं मिलती हैं. इसका मकसद कर्मचारियों को अलग-अलग जगहों पर भटकने से बचाना और एक ही जगह पर फाइनेंशिय सेफ्टी उपलब्ध कराना है.
इन कर्मचारियों के लिये लॉन्च हुआ पैकेज
सरकार की तरफ से इस पैकेज को ग्रुप A, B और C सभी कैडर के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया है. DFS सेक्रेटरी एम. नागराजू ने इसे पिछले दिनों लॉन्च किया था. यह जीरो-बैलेंस सैलरी वाला अकाउंट होगा. यानी इस अकाउंट में मिनिमम बैलेंस भी रखने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा भी अकाउंट में कई तरह की सुविधाएं हैं. आइए जानते हैं इस जीरो बैलेंस अकाउंट की खासियतें-
> RTGS, NEFT, UPI और चेक बुक से सभी ट्रांजेक्शन बिल्कुल फ्री.
> हाउसिंग, एजुकेशन, व्हीकल और पर्सनल लोन काफी कम ब्याज दर पर मिलेंगे.
> लोन प्रोसेसिंग चार्ज कम, लॉकर रेंटल पर छूट.
> फैमिली बैंकिंग बेनिफिट्स यानी परिवार से जुड़े सदस्यों को भी फायदे मिलेंगे.
> अकाउंट पर 1.50 करोड़ रुपये तक ताक पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस.
> 2 करोड़ रुपये तक एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस (हवाई यात्रा के दौरान का इंश्योरेंस).
> डेढ़ करोड़ रुपये तक का परमानेंट टोटल / पार्शियल डिसएबिलिटी कवर.
> 20 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस. इसमें सस्ते प्रीमियम पर टॉप-अप का ऑप्शन.
> खुद और परिवार के लिए बेस प्लान कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस. इसके अलावा टॉप-अप की भी सुविधा.
> अकाउंट के तहत एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड प्वाइंट, कैशबैक ऑफर और अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है.
> इन सभी खासियत के साथ ही इस तरह के अकाउंट का मेंटीनेंस चार्ज जीरो रखा गया है.
लॉन्च करने का मकसद
वित्त मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि यह पैकेज कर्मचारियों को आसान पहुंच, फाइनेंशियल सेफ्टी और मानसिक सुकून देता है. मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि यह 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य और इंश्योरेंस फॉर ऑल के टारगेट से जुड़ा है. DFS की तरफ से सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों को निर्देश दिये गए हैं कि वे अपनी वेबसाइट पर इस पैकेज को प्रमोट करें. इसके अलावा सरकारी विभागों में जागरूकता कैम्प लगाएं और कर्मचारियों से संपर्क कर इस बारे में जानकारी दें. मौजूदा सैलरी अकाउंट को नए पैकेज में कर्मचारी की सहमति से ट्रांसफर करें.