1 जनवरी से बदला चांदी का नियम, चीन की चालबाजी मचाएगी हड़कंप

Silver New Rule: चांदी की कीमत 2.5 लाख रुपये के पास क्या पहुंची दुनियाभर में हड़कंप मच गया. जिस चांदी को लोग पहले आम मेटल समझते थे, अब वो गदर मचा रहा है. वो चांदी अब ग्लोबल पॉलिटिक्स और इकॉनमी के बीच आ खड़ी हुई है. चांदी की आसमान छूती कीमतों को इंतजार कर रहे लोगों को चीन के नए नियम से बड़ा झटका लगेगा. चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी पर नया नियम लागू कर दिया है. चांदी पर चीन के नए नियम ने कीमतों में गिरावट की उम्मीद खत्म कर दी है. चीन के इस खतरनाक फैसले से आने वाले दिनों में चांदी की कीमत और बड़ सकती है.

चीन का चांदी पर नया नियम
चीन चांदी का दूसरा सबसे बड़ा सिल्वर प्रड्यूसर देश है. 1 जनवरी से चीन ने चांदी के एक्सपोर्ट पर सख्ती का ऐलान कर दिया है. चीन ने साफ कर दिया है कि बिना सरकार की मंजूरी के चीन से चांदी नहीं बेची जाएगी. चीन ने अपने फैसले से चांदी को स्ट्रैटेजिक हथियार बना दिया है. जहां अमेरिका ने चांदी को क्रिटिकल मिनिरल में शामिल किया है तो वहीं चीन ने इसके एक्सपोर्ट पर पांबदी लगा दी है. चीन ने इसके लिए 44 कंपनियों को लाइसेंस दी है. सिर्फ यही कंपनियां चीन में चांदी का एक्सपोर्ट कर सकेंगी. ये ठीक उसी तरह की पाबंदी है, जिस तरह की चीन ने रेयर अर्थ मिनिरल्स पर लगाई थी. चीन ने चांदी के सप्लाई चेन को बिगाड़ते हुए 44 कंपनियों को साल 2026 और 2027 में सिल्वर निर्यात की छूट दी है. चीन के इस फैसले से बड़ा झटका लगने वाला है. RBI के मास्टरस्ट्रोक से डोनाल्ड ट्रंप भी कंफ्यूज, डॉलर के साथ किया ऐसा खेला कि भर गई भारत की तिजोरी, ₹ को बूस्टर डोज

चीन के फैसले से क्या होगा असर
साल 2024 में चीन दुनिया के सबसे बड़े सिल्वर उत्पादकों रहा था, चीन ने 11 महीनों में 4600 टन से ज्यादा सिल्वर निर्यात किया था. चीन अब इस सप्लाई चेन पर अपनी दादागिरी दिखाकर इसे कंट्रोल कर रहा है. बिना सरकार की मंजूरी के चीन से कंपनियां चांदी नहीं बेच पाएंगी, यानी चांदी की सप्लाई पर चीन का कंट्रोल होगा. चीन के इस फैसले से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कमी हो सकती है. चीन जिस तरह से रेयर अर्थ की सप्लाई चेन को कंट्रोल कर दुनियाभर की कंपनियों को परेशान करता है, अब वो चांदी के साथ भी ऐसा ही कर सकता है. वो जब चाहे चांदी की सप्लाई को रोककर कीमतों को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकता है. पहले से ही चांदी की कमी से जूझ रही दुनिया के लिए चीन का फैसला डरावनी साबित हो सकता है.

महंगी चांदी के लिए रहिए तैयार
चीन के फैसले से चांदी की सप्लाई बाधित हो सकती है. ऐसे में डिमांड और सप्लाई का संतुलन बिगड़ने से चांदी की कीमत बढ सकते हैं. यानी आने वाले दिनों में चांदी की कीमत चीन कंट्रोल करेगा. यानी कीमत में गिरावट की उम्मीद फिलहाल नहीं दिखती है. बता दें कि चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चांदी का सप्लायर है. ग्लोबल मार्केट में 60 से 70 फीसदी चांदी की सप्लाई चीन करता है. ऐसे में चीन के एक फैसले से कई देशों की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है.

चांदी का कहां-कहां इस्तेमाल
चांदी का इस्तेमाल सिर्फ जूलरी में नहीं बल्कि इंडस्ट्रियल भी है. उद्योगों में चांदी का भारी मात्रा में इस्तेमाल होता है. सोलर इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिकल व्हीक्ल्स इंडस्ट्री में चांदी की भारी डिमांड है. चीन चांदी की सप्लाई को कंट्रोल कर इन सेक्टर के ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है. चीन ने अगर चांदी की सप्लाई कम कर दी ईवी व्हीकल्स के रेट बढ़ सकते हैं. टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने यही चिंता सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जाहिर की.

भारत पर इस फैसले का असर
चीन के इस फैसले से भारत खुद को अलग नहीं कर पाएगा. इसका असर भारत पर भी होगा. यहां भी चांदी की कीमत बढ़ सकती है. भारत अपनी जरूरत की चांदी के लिए आयात पर निर्भर है. सितंबर-अक्तूबर में भारत ने 2600 टन से अधिक चांदी आयात की. पहले से ही भारत में चांदी के रेट ढाई लाख रुपये के भाव पर पहुंच चुके हैं. चीन के नए नियम के बाद चांदी का कीमत और चढ़ने की उम्मीद है.