UPI यूजर्स की प्राइवेसी होगी और मजबूत! NPCI का नया फैसला, अनजान लोगों को नहीं मिलेगी आपकी ये डिटेल

चाय की टपरी पर 10 रुपये का पेमेंट करना हो या किसी दूर बैठे दोस्त को पैसे भेजना हो, स्मार्टफोन से अब यह काम मिनटों में पूरा हो जाने लगा है. UPI ने न सिर्फ लोगों के काम को आसान बनाया, बल्कि बैंक का चक्कर भी कम किया. लेकिन इस सहूलियत की एक बड़ी कीमत हम अपनी प्राइवेसी देकर चुका रहे थे, जहां हर पेमेंट के साथ हमारा मोबाइल नंबर दूसरों के पास पहुंच जाता था. एक तरफ तो यह सुविधाजनक है, तो वहीं दूसरी तरफ प्राइवेसी के लिए चिंता की बात.अब NPCI इस ट्रेंड को हमेशा के लिए बदलने जा रहा है.

Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बहुत ही जल्द एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने UPI यूजर्स की प्राइवेसी को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत अब UPI ट्रांजैक्शन के दौरान यूजर्स का पूरा मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा.

नहीं दिखेगा मोबाइल नंबर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NPCI ने सभी UPI ऐप्स और बैंकों को निर्देश दिया है कि वे कस्टमर्स की निजी जानकारी को सेफ रखें. नए नियम के मुताबिक, UPI ऐप्स पर मोबाइल नंबर, UPI ID और बैंक अकाउंट नंबर जैसी जानकारी को Mask यानी छिपाकर दिखाना होगा. यानी दूसरे व्यक्ति को सिर्फ मोबाइल नंबर के आखिरी चार अंक ही दिखाई देंगे.

4 सितंबर तक लागू करना होगा नियम
NPCI ने इस बदलाव को लागू करने के लिए 4 सितंबर तक की समय-सीमा तय की है. QR Code से पेमेंट करने के बाद भी ऐप्स किसी यूजर का मोबाइल नंबर स्क्रीन पर नहीं दिखा सकेंगे.

मोबाइल नंबर की जगह मिलेगा यूजरनेम
नए नियम के अनुसार UPI ऐप्स को यूजर्स के लिए मोबाइल नंबर की जगह पर यूजरनेम आधारित UPI ID बनाने का ऑप्शन डिफॉल्ट रूप से देना होगा. अभी ज्यादातर लोग अपना मोबाइल नंबर ही UPI ID के रूप में इस्तेमाल करते हैं, वहीं Username वाला ऑप्शन पहले से मौजूद है लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं.

DPDP कानून के तहत हो रहे बदलाव
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI यह बदलाव डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन यानी DPDP कानून को ध्यान में रखते हुए लागू कर रहा है. संस्था बैंकों और UPI ऐप्स के साथ मिलकर यह तय कर रही है कि सभी सिस्टम नए प्राइवेसी नियमों के मुताबिक तैयार हों.

क्यों जरूरी है यह बदलाव?
हाल के महीनों में कई महिला यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की थी कि UPI ट्रांजैक्शन के दौरान उनका मोबाइल नंबर और पहचान सामने आने से प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बढ़ रही हैं. इन्हीं शिकायतों के बाद NPCI ने यह कदम उठाया है.