सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक छोटे से गांव में ऐसा हादसा हुआ, जो किसी फिल्म कहानी जैसा लगता है। एक युवक को मृत मानकर उसके परिजनों ने आंसुओं की बाढ़ में उसका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन अगले ही पल वह जिंदा होकर घर के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था। यह ‘जिंदा लाश’ वाली कहानी नहीं, बल्कि पुलिस की एक चूक से उपजा दर्दनाक ट्विस्ट है, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुका है।
मामला सूरजपुर जिले के ग्रामीण इलाके का है, जहां स्थानीय पुलिस को एक कुएं से एक युवक का शव बरामद हुआ। शव की पहचान के दौरान हुई गलती से इसे लापता युवक समझ लिया गया। युवक के परिवार को सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने भी बिना किसी संदेह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
अचानक घर पहुंचा युवक
लेकिन ये पूरी कहानी तब पलट गई जब लापता युवक अचानक से घर आ धमका। पहले तो किसी ने विश्वास ही नहीं किया। युवक ने बताया कि वह दोस्तों के साथ बाहर था और मोबाइल की बैटरी डाउन होने से घर से संपर्क नहीं कर पाया। लेकिन अब सवाल यह है कि दफनाया गया शव किसका था?
जब इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। सूरजपुर थाना प्रभारी ने फिर से केस की जांच शुरू कर दी है। शव के कपड़े और सामान पुलिस के पास जिसके जरिए पुलिस उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।