शिवपुरी में अश्लील वीडियो चैट और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल, लग्जरी कारें सहित करोड़ों की संपति जब्त

शिवपुरी: पुलिस ने वीडियो चैट एप का सहारा लेकर धोखाधड़ी और अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये गिरोह वीडियो एप पर लोगों से चैट करते थे और स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते थे. जिसके बाद लोगों को डरा-धमका कर मोटी रकम वसूल करते थे. पुलिस ने इसका पर्दाफाश करते हुए उनके पास से लगभग 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है. जिसमें कई लग्जरी कारें, मकान, जमीन और महंगी प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.

कई राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क
गिरोह में शामिल महिलाओं के व्हाट्सएप के जरिए लोगों को पहले पर्सनल वीडियो चैट का ऑफर देते हैं. यदि कोई पर्सनल वीडियो चैट का ऑफर स्वीकार कर लेता है, तो यह आरोपी उसे अपने जाल में फंसा कर ब्लैकमेलिंग करने लगते हैं.

ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के 20 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि “यह सिर्फ मध्य प्रदेश में ही अपना नेटवर्क नहीं बनाए थे, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में भी उनके एजेंट और हैंडलर काम कर रहे हैं. जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्य भी शामिल हैं.”

मोबाइल, एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर ने बताया कि “पुलिस ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, बैंक की पासबुक और 30 से अधिक मल्टीमीडिया मोबाइल बरामद किए हैं, जिनसे यह पूरा खेल अंजाम देते थे. इसके साथ ही मकान की रजिस्ट्री और 1 लाख से अधिक नकदी सहित कुल 1 करोड़ से अधिक का मशरुका जब्त किया है.”

‘शर्म के चलते विक्टिम नहीं करते शिकायत’
वीडियो कॉलिंग ऐप चैट आसानी से माय एप स्टोर पर जाकर डाउनलोड की जा सकती है, लेकिन इसी के पीछे दूसरी तरफ इन जैसे शातिर साइबर अपराधियों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. टाइमपास के लिए इन चैट एप्लीकेशन पर अपना समय बिताने आए लोगों को ये गिरोह अपने जाल में फंसा लेते हैं. जिसके बाद ब्लैकमेंलिंग शुरू हो जाती है.

पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर बताते हैं कि “लोगों की असावधानी उन्हें इन गिरोह का शिकार बना देती है और शर्म के चलते विक्टिम शिकायत भी नहीं कर पाता है.”