‘शराब दुकान बंद होगी तो महतारी वंदन का पैसा कैसे मिलेगा’, महिलाओं से बोले कलेक्टर, हर महीने 1000 रुपये देती है सरकार

अंबिकापुर: अंबिकापुर कलेक्टर अजीत वसंत के बयान के विरोध में अंबिकापुर में महिलाओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं का आरोप है कि जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना और शराब की दुकानों से कनेक्शन जोड़ा है। वहीं, इस पूरे मामले में विपक्ष ने भी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। महिलाओं का आरोप है कि कलेक्टर ने कहा कि शराब की दुकान बंद हो जाएगी तो महतारी वंदन योजना का पैसा कैसे मिलेगा।

क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला अंबिकापुर कलेक्ट्रेट का है। गुरुवार को ग्राम पंचायत दरिमा की रहने वाली महिलाएं जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर के पास शराब की दुकान हटवाने का आवेदन लेकर पहुंचीं थीं। महिलाओं ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत में अंग्रेजी शराब की दुकान खुल गई है। महिलाओं की मांग है कि इस दुकान को गांव से हटाया जाए।

महिलाओं ने बताया कि कलेक्टर ने आवेदन लेने के बाद कहा कि वह दुकान को दूसरी जगह ट्रांसफर करवाने की कोशिश करेंगे। महिलाओं का आरोप है कि इस दौरान कलेक्टर ने पूछा कि क्या आप लोगों को महतारी वंदन योजना का पैसा मिलता है। जब महिलाओं ने कहा कि हां पैसा मिलता है तो कलेक्टर ने कहा कि अगर शराब की दुकान बंद हो जाएगी तो महतारी वंदन योजना का पैसा कहां से मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना पर फिर शुरु हुई सियासत
अंबिकापुर में शराब दुकान के विरोध में महिलाएं पहुंची कलेक्ट्रेट
कलेक्टर बोले दुकान बंद होगी तो महतारी वंदन का पैसा कहां से आएगा?
कांग्रेस ने कहा- महिलाओं के सम्मान के नाम पर शराब का कारोबार

महिलाओं ने कहा हमें नहीं चाहिए पैसा
कलेक्टर के इस बयान के बाद महिलाओं का कहना है कि चुनाव के समय बीजेपी ने वादा किया था कि विवाहित महिलाओं को पैसे मिलेंगे। सरकार की तरफ से हर महीने पैसे भी मिल रहे हैं। लेकिन हम अपने बेटे, पति और भाइयों को शराब के कारण मरते नहीं देख सकते हैं। शराब की दुकान बंद कर दो हमें योजना के पैसे नहीं चाहिए।

विपक्ष हुआ हमलावर
अंबिकापुर कलेक्टर के बयान के बाद विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान की आड़ में शराब का कारोबार तेजी से फैला रही है। सरकार घर-घर शराब पहुंचाकर ‘महतारी वंदन योजना’ का फंड जुटा रही है क्या यही सुशासन की सरकार है। अंबिकापुर की महिलाओं का विरोध सरकार को करारा जवाब है। वहीं, दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को शराब पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस राज में शराब घोटाले हुए और घर-घर शराब पहुंची। अब जब भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है तो कांग्रेस को सिर्फ पेट में दर्द हो रहा है।

हर महीने 1 हजार रुपये देती है सरकार
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार आने के बाद से विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए सरकार हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है। इस योजना से राज्य की करीब 70 लाख महिलाओं को फायदा हो रहा है।