ED का बड़ा खुलासा! छत्तीसगढ़ में 95 करोड़ विदेशी फंडिंग, बस्तर-धमतरी में धर्मांतरण के आरोप

रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में छत्तीसगढ़ में 95 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग का बड़ा खुलासा हुआ है. इसमें बस्तर और धमतरी जिलों में साढ़े 6 करोड़ रुपये की राशि शामिल है. नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण के बाद अब इस फंडिंग को लेकर धर्मांतरण से जुड़े सवाल जोर-शोर से उठने लगे हैं. स्थानीय स्तर पर पक्के प्रार्थना भवनों के तेजी से बढ़ने को भी इस फंडिंग से जोड़कर देखा जा रहा है. ED के इस खुलासे ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है और राजनीतिक-सामाजिक बयानबाजी तेज हो गई है. कुछ संगठन इसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बता रहे हैं जबकि कुछ इसे सामाजिक कार्य और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर देख रहे हैं. मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है.

कांकेर जिले में पिछले कुछ महीनों से धर्मांतरण को लेकर विवाद चल रहा है. ED की रिपोर्ट के बाद यह विवाद और गहरा गया है. सर्वसमाज प्रमुख ईश्वर कावड़े ने इसे प्रलोभन देकर धर्मांतरण का हिस्सा बताया है. वहीं सर्व आदिवासी समाज प्रमुख कन्हैया उसेंडी ने देवगुड़ी संस्कृति पर खतरे की बात कही है. मसीह समाज के संरक्षक प्रदीप क्लाडियस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि फंडिंग से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है और आरोप गलत हैं. इस मुद्दे ने छत्तीसगढ़ की सांप्रदायिक सद्भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ED अब फंडिंग के स्रोत, उपयोग और संभावित गलत इस्तेमाल की जांच कर रही है. इस खुलासे ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है.

ED जांच में उजागर हुई विदेशी फंडिंग
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में छत्तीसगढ़ में कुल 95 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग सामने आई है. इसमें बस्तर और धमतरी जिलों में 6.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए. ED ने फंडिंग की राशि, स्रोत और उपयोग की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. ED की जांच अभी जारी है. फंडिंग के असली मकसद और उपयोग को लेकर और तथ्य सामने आने की उम्मीद है. इस मामले ने छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक सद्भाव और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी बहस छेड़ दी है.

धर्मांतरण का आरोप और बयानबाजी
ED के खुलासे के बाद कई संगठनों ने फंडिंग को धर्मांतरण से जोड़कर देखा है. गांव-गांव में पक्के प्रार्थना भवनों के निर्माण को लेकर भी जांच की मांग तेज हो गई है. लोग पूछ रहे हैं कि जब नक्सलवाद कम हो गया है तो इतनी बड़ी विदेशी फंडिंग का मकसद क्या है.

सर्वसमाज प्रमुख ईश्वर कावड़े का बयान
सर्वसमाज प्रमुख ईश्वर कावड़े ने कहा कि प्रलोभन देकर धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती रही हैं. ED के खुलासे से अब यह स्पष्ट होता है कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल धर्मांतरण में हो रहा है. गहन जांच से और खुलासे हो सकते हैं.

सर्व आदिवासी समाज प्रमुख का चिंता जताया
सर्व आदिवासी समाज प्रमुख कन्हैया उसेंडी ने कहा कि आदिवासी संस्कृति देवगुड़ी से जुड़ी है. गांव-गांव में प्रार्थना सभाओं का बढ़ना चिंता का विषय है. समाज लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है और कुछ लोग वापस भी लौट रहे हैं.

मसीह समाज का पलटवार
मसीह समाज के संरक्षक प्रदीप क्लाडियस ने आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई फंडिंग की जानकारी नहीं है. हिंदू इतने कमजोर नहीं कि पैसे के लिए धर्म बदल दें. बीमारी या राहत के लिए लोग मदद लेते हैं, आरोप गलत हैं.