छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी, अगर हुई अनदेखी, तो कटेगा वेतन

छत्तीसगढ़ में सभी प्राइवेट और स्कूल 16 जून 2026 से ही खुलेंगे. पहले माना जा रहा था कि गर्मी ज्यादा पड़ रही है. इसी वजह से छुट्टियां आगे बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन अब शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी करके बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से होने जा रही है. स्कूल शिक्षा विभाग ने नए सत्र की तैयारियों को लेकर सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं

16 जून से ही छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा. स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को इसकी तैयारी के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं. स्कूल शिक्षा सचिव ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और संयुक्त संचालकों (जेडी) को पत्र भेजकर 16 जून को आयोजित होने वाले प्रवेश उत्सव की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

छत्तीसगढ़ में स्कूल के शिक्षकों की अब होगी ऑनलाइन उपस्थिति
दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 16 जून से ऑनलाइन उपस्थिति और ऑनलाइन अवकाश आवेदन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है. बताया जा रहा है कि अगर इसमें लापरवाही बरती गई, तो जून का वेतन रोक दिया जाएगा.

स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से दिए गए हैं खास आदेश
विभाग का उद्देश्य है कि नए सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का स्वागत बेहतर माहौल में किया जा सके. स्कूल भवनों की मरम्मत, परिसर की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया है. अधिकारियों को कहा गया है कि जहां आवश्यकता हो वहां रंग-रोगन सहित अन्य आवश्यक कार्य समय रहते पूरे कर लिए जाएं. साथ ही स्कूल परिसरों को स्वच्छ बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

नया सेशन शुरू होने पर बच्चों का किया जाएगा स्वागत
स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से बताया गया है कि छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो और स्कूल खुलने से पहले ही सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं. प्रवेश उत्सव के दौरान नए विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा. इसके अलावा इस बात पर जोर दिया जाएगा कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला हो. प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने में मदद मिलेगी.