बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में इस बार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं. त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. सबसे बड़ा फैसला खुले स्थानों पर कुर्बानी को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का है. अब केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए स्थानों या निजी परिसरों में ही कुर्बानी दी जा सकेगी. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और अन्य बड़े शहरों में जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर निगम के साथ मिलकर निगरानी बढ़ा दी है.
वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि त्योहार को शांति, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाया जाए. प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्षों में खुले स्थानों पर कुर्बानी और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी. इसी वजह से इस बार पहले से ही सख्त गाइडलाइन लागू की गई है. साइबर सेल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
खुले स्थानों पर कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों या खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी. कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के अंदर ही की जा सकेगी. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता बनाए रखने और दूसरे समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है. नगर निगम की टीमें सफाई व्यवस्था पर विशेष नजर रखेंगी.
नमाज के लिए तय हुआ समय
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी राज्यभर में समय निर्धारित किया गया है. सभी प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच ही अदा की जाएगी. प्रशासन के अनुसार इससे भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी. अलग-अलग जिलों में पुलिस बल और ट्रैफिक स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है.
सोशल मीडिया पर साइबर सेल की नजर
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. साइबर सेल को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी भड़काऊ पोस्ट, फेक न्यूज या धार्मिक भावना भड़काने वाली सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की जाए. अधिकारियों ने साफ कहा है कि सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा.
मुस्लिम समाज ने किया फैसले का समर्थन
राज्य के कई मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने प्रशासन की गाइडलाइन का समर्थन किया है. उनका कहना है कि त्योहार का उद्देश्य शांति, त्याग और सामाजिक भाईचारा है. इसलिए नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है. समुदाय के लोगों ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अफवाहों पर ध्यान न दे और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के सामग्री साझा न करे.
प्रशासन ने तैयार किया विशेष प्लान
बकरीद को लेकर जिला प्रशासन ने अलग-अलग स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल टीम और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का प्लान तैयार किया गया है. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जाएगी. पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.