छत्तीसगढ़ भाजपा में नई कार्यसमिति को लेकर सस्पेंस; कांग्रेस ने कसा तंज, भाजपा बोली- ‘अपने संगठन को संभाले विपक्ष’

रायपुर। प्रदेश में भाजपा का नेतृत्व कमजोर दिखाई दे रहा है। दरअसल, किरण सिंह देव के अध्यक्ष बनने के एक साल बाद भी पार्टी की नई कार्यसमिति का गठन नहीं हो सका है। नियमानुसार हर तीन महीने में पार्टी की बैठक होनी चाहिए। नई कार्यसमिति को लेकर अनिर्णय की स्थिति में प्रदेश भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष है।

एक तरफ सत्ता में नए नेताओं को जगह नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार में भी 10 से अधिक निगम-मंडलों के पद खाली हैं। वहां भी नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। इधर कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं भाजपा ये कहते हुए अपना बचाव कर रही है कि कांग्रेस उनके कामकाज पर ताक-झांक नहीं करे।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के बाद किरण सिंह देव को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया था। उनका एक साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद जनवरी 2025 में उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाया गया था। किरण अभी जगदलपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। इससे पहले वे जगदलपुर के महापौर भी रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 किरण सिंह देव के नेतृत्व में हुए थे।

नहीं हो पा रही हैं बैठकें

पार्टी सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक जुलाई 2024 में हुई थी। अगस्त 2025 में नए पदाधिकारियों और मंडल स्तर के नेताओं की समीक्षा बैठक की औपचारिकता अवश्य हुई थी। अब भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन के बाद ही राज्य की कार्यसमिति का गठन किया जाता है। बता दें कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नियुक्