सरगुजा: उत्तर भारत के कई राज्यों में अभी मॉनसून का इंतजार हो रहा है। लोग भीषण गर्मी का कहर झेलने को मजबूर हैं। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ जल्द राहत मिलने की संभावना है। उधर, कई राज्यों में भारी बारिश तबाही मचा रही है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में मॉनसून बारिश, आंधी और वज्रपात के साथ कहर बरपा रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आकाशीय बिजली गिरने से दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक बच्ची घायल हुई है। बताया गया है कि तीनों बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे और वहीं वज्रपात हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के डुमकी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से सागर (पांच), रानी (नौ) और रामसाय (36) की मौत हो गई जबकि इस घटना में सागर की बड़ी बहन श्रद्धा (12) घायल हो गई। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम करीब चार बजे डुमकी गांव में बच्चे पेड़ से गिरे आम एकत्र कर रहे थे कि तभी तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई और बच्चे पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।
अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश से बचने के लिए बच्चे पेड़ के नीचे खड़े थे। उसी समय एक चरवाहा रामसाय भी वहां आकर खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान पेड़ के समीप आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे दो बच्चों और चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और मृतकों के शव तथा घायल बालिका को अस्पताल पहुंचाया।
भारी बारिश का अलर्ट
इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान सरगुजा जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और मानसूनी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की।
बिलासपुर में आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आंधी-तूफान और देर रात तक झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। पहली तेज बारिश में शहर की कई प्रमुख सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, जबकि बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। हालात ऐसे रहे कि आधे से अधिक शहर कई घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा।