करनाल; हरियाणा के करनाल जिले में सरकारी आईटीआई के बाहर छात्राओं के बीच हुई मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद संस्थान प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटीआई प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन छात्राओं को सस्पेंड कर दिया है और पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार की है, जब आईटीआई की छुट्टी के समय संस्थान के गेट के बाहर छात्राओं के दो गुटों के बीच अचानक झगड़ा शुरू हो गया। वायरल वीडियो में 6 से 7 छात्राएं आपस में मारपीट करती नजर आ रही हैं। कोई एक-दूसरे की चोटी पकड़कर खींचती दिख रही है तो कोई बेल्ट से हमला करती नजर आती है। झगड़ा इतना बढ़ गया कि छात्राएं सड़क और फुटपाथ तक गिर पड़ीं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।
आईटीआई प्रबंधन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रही तीन छात्राएं आपस में लड़ रही थीं, जबकि अन्य कुछ छात्राएं बीच-बचाव करने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, इसकी अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रबंधन ने छात्राओं की पहचान की और उनके अभिभावकों को संस्थान बुलाकर पूरे मामले की जानकारी दी। वायरल वीडियो के एक हिस्से में आईटीआई गेट के पास खड़ी कार के नजदीक छात्राएं आपस में गुत्थमगुत्था होती दिखती हैं। इसी दौरान एक अन्य छात्रा वहां पहुंचकर झगड़े में शामिल हो जाती है। वहीं, फुटपाथ पर दो छात्राएं जमीन पर गिरकर आपस में झगड़ती नजर आती हैं, जिनमें से एक छात्रा बेल्ट निकालकर दूसरी पर वार करती दिखती है। कुछ युवक बीच-बचाव के लिए आगे आते हैं, लेकिन इसके बावजूद झगड़ा रुकता नहीं।
तीन छात्राओं को किया सस्पेंड
दूसरे वीडियो में एक छात्रा दूसरी छात्रा की चोटी पकड़कर खींचती हुई दिखाई दे रही है। इसी दौरान एक युवक उसे रोकने की कोशिश करता है, जिससे तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। युवक छात्रा का परिजन है या परिचित, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। आईटीआई के प्रिंसिपल राकेश भाटिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि झगड़े के कारणों की जांच की जा रही है और इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है, जो बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।