हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशानिर्देश एवं मंत्र दिए. उन्होंने निर्देश दिया कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की जाए. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम तथा पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले सर्कल को अवार्ड दिया जाएगा.
श्री विज आज चण्डीगढ़ में ऊर्जा विभाग के राज्यभर से आए वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक श्री बिक्रम सिंह भी उपस्थित रहे. बैठक के आरंभ में श्री विज ने विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद लंबे समय से रिक्त रहने के बावजूद विभागीय कार्यों में कोई बड़ी बाधा नहीं आई और कार्य सुचारू रूप से चलते रहे.
मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटेनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण हों- विज
उन्होंने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन पर बल देते हुए निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटेनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन एवं ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध होनी चाहिए. इस पर आयुक्त एवं सचिव ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
श्री विज ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में स्थापित होने वाले सभी बिजली सबस्टेशन जलभराव वाले क्षेत्रों में न बनाए जाएं अथवा उन्हें संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए. इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना भी अनिवार्य होगा. साथ ही, उन्होंने सबस्टेशनों के रख-रखाव एवं अपग्रेडेशन के लिए भी निर्देश जारी किए. वर्षा ऋतु से पूर्व बिजली लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो.
उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने के लिए श्री विज ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए. इस पोर्टल पर पूरे राज्य में उपयोग होने वाले उपकरणों का विवरण उपलब्ध रहेगा, जिससे अनावश्यक दोहराव रोका जा सकेगा और आवश्यकतानुसार संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा. पोर्टल में एडमिन डैशबोर्ड की व्यवस्था भी होगी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी मांग एवं खरीद की योजना की निगरानी कर सकेंगे.
बिजली चोरी के सभी मामले तीन माह में न्यायालय में हों प्रस्तुत- विज
बिजली चोरी के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अगले तीन महीनों में सभी लंबित मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए. उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में 179 लोगों को बिजली चोरी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है. वर्ष 2024-25 में 39,529 तथा 2025-26 में 56,953 एफआईआर दर्ज की गई हैं. विजिलेंस विंग ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं के विरूद्ध एक्शन
श्री विज ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया राशि लंबित है और उन्होंने उसी संपत्ति पर नया बिजली कनेक्शन ले लिया है, उनके विरुद्ध नियम-8 के तहत कार्रवाई कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी. ऐसे कुल 3,224 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 202 उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 3022 दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के है. इसके लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया जाएगा, जो तीन माह के भीतर कार्रवाई पूर्ण करेंगी.
सरकारी भवनों पर 585 करोड बकाया
डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से लगभग 8,247 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है. इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 3,573 करोड़ रुपये तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 4,674 करोड़ रुपये की रिकवरी शामिल है. सरकारी विभागों से भी लगभग 585 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है, जिसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 319 करोड रूपए और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 266 करोड रूपए की रिकवरी की जानी है. उन्होंने सभी अधिकारियों को वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए.