फरवरी-मार्च और जून-जुलाई में होंगी वार्षिक परीक्षाएं, बोर्ड ने जारी किए नए नियम

Haryana Board: प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2025-26 कई मायनों में खास होने वाला है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पहली बार साल में दो वार्षिक परीक्षाओं की व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिससे छात्रों को एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा.

परीक्षा को लेकर जानें नया रूल
बोर्ड की नई व्यवस्था के अनुसार पहली वार्षिक परीक्षा फरवरी-मार्च के दौरान आयोजित की जाएगी, जबकि दूसरी वार्षिक परीक्षा जून-जुलाई में होगी. हालांकि, दूसरी परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो नियमित रूप से स्कूल में अध्ययनरत हैं और जिन्होंने पहली वार्षिक परीक्षा दी हो. यदि कोई छात्र गंभीर बीमारी, चोट, खेल या सांस्कृतिक प्रतियोगिता जैसे अपरिहार्य कारणों से पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है, तो वह शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित अतिरिक्त शुल्क जमा कर दूसरी वार्षिक परीक्षा में बैठ सकेगा.

बोर्ड ने ऑनलाइन पोर्टल को लेकर दी जानकारी
28 जनवरी को जारी बोर्ड के सर्कुलर के अनुसार, फेल, कंपार्टमेंट या अंक सुधार की श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे पहली वार्षिक परीक्षा में कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण हों, तभी वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो पाएंगे. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहली और दूसरी वार्षिक परीक्षाओं को संयुक्त रूप से एक ही परीक्षा प्रणाली का हिस्सा माना जाएगा. दूसरी वार्षिक परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पहली परीक्षा समाप्त होने के लगभग एक सप्ताह बाद शुरू होगी. परिणाम घोषित होने के बाद तीन से पांच दिनों तक ऑनलाइन पोर्टल खुला रहेगा.

नकल पर सख्ती
बोर्ड की नई परीक्षा नीति के तहत नकल करते पकड़े जाने वाले छात्रों को दूसरी वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि, यदि किसी कारणवश परीक्षा रद्द होती है, तो संबंधित छात्रों को दूसरी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा. सर्कुलर में यह उल्लेख किया गया है कि कंपार्टमेंट वाले छात्रों की परीक्षा दूसरी वार्षिक परीक्षा के साथ ही कराई जाएगी और जुलाई 2026 में होने वाली एक दिवसीय कंपार्टमेंट परीक्षा को समाप्त किया जाएगा. हालांकि, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन पवन कुमार ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा है कि जुलाई 2026 की कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द नहीं की गई है. उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि इसी शिक्षा सत्र से साल में दो वार्षिक परीक्षाओं की व्यवस्था लागू की जा रही है.