बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे पर कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, जवाबदेही और निस्वार्थ सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है. सीएम सम्राट ने यह बातें एक्स पोस्ट में लिखी हैं.
उन्होंने कहा, “माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा, नई सोच और नई गति प्रदान की. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने करोड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी. आपके अनुभव, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का यह सफर निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे, यही शुभकामना है.”
मंगल पांडेय क्या बोले?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजेपी नेता मंगल पांडेय ने कहा, “शिक्षा केवल डिग्रियों का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सहित अनेक ऐतिहासिक सुधारों के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और नई दृष्टि प्रदान की. शिक्षा को भविष्य उन्मुख, कौशल आधारित और समावेशी बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा.”
उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया आपका निर्णय आपके सिद्धांतों, मूल्यों और जनसेवा के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है. आपके उत्तम स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं.”
इस्तीफे पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “…धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है. उनका योगदान नई शिक्षा नीति बनाने में रहा है, लेकिन दिल्ली में जैसे हालात बना दिए गए, विदेशी ताकतें वहां लग गईं इसलिए उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है. धर्मेंद्र प्रधान का अमूल्य योगदान रहा है. हम उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं.”