हरियाणा में डॉगी ने जान देकर निभाई वफादारी! डॉक्टर को बचाने के लिए कोबरा से भिड़ी जिम्मी

करनाल. हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग शहर में एक डेरे पर पालतू कुतिया ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए ब्लैक कोबरा से भिड़कर जान दे दी. शाम के समय गेट के पास सांप दिखाई दिया तो खतरा बढ़ गया. कुतिया ने बिना देर किए सांप पर हमला कर दिया. डंक लगने के बाद भी वह लड़ती रही, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार में शोक के साथ गर्व का माहौल है.
मकान मालिक सुमित ठाकर ने बताया कि रविवार शाम करीब 6 बजे वह अपने दोनों पालतू कुत्तों जिम्मी और मैक्स को घुमाने के लिए बाहर निकाल रहे थे. इसी दौरान गेट की तरफ से एक ब्लैक कोबरा अंदर आता हुआ दिखाई दिया. वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दोनों कुत्ते उनके हाथ से छूटकर सांप की तरफ दौड़ पड़े.

सुमित ठाकर के अनुसार जैसे ही सांप ने फन फैलाया, जिम्मी ने सबसे पहले उस पर अपने पंजों से हमला कर दिया. इस दौरान सांप ने उसके मुंह और पंजे पर डंक मार दिया. डंक लगने के बावजूद जिम्मी पीछे नहीं हटी और लगातार सांप से लड़ती रही. वहीं दूसरा कुत्ता मैक्स सांप के आसपास घूमता रहा और उसे आगे बढ़ने से रोकता रहा. सांप के डंक के बाद जिम्मी की हालत तेजी से खराब होने लगी. करीब 8 मिनट के अंदर ही उसके शरीर में जहर फैल गया. इसी बीच सांप मौका देखकर पास की दीवार के पास जाकर छिप गया, जिसे सुमित ने देख लिया. घटना के तुरंत बाद सुमित ठाकर ने स्नेकमैन को फोन किया. मौके पर पहुंचे स्नेकमैन ने सांप को पकड़ लिया. बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.

हालांकि तब तक जिम्मी की हालत गंभीर हो चुकी थी. सुमित ठाकर ने बताया कि उन्होंने तुरंत वेटनरी डॉक्टर को भी मौके पर बुलाया, लेकिन तब तक जिम्मी दम तोड़ चुकी थी. डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही उसका शरीर पूरी तरह जहर की चपेट में आ चुका था.

9 साल पहले लाए थे जिम्मी
सुमित ठाकर ने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं और कुरुक्षेत्र में उनका आईवीएफ सेंटर है. उन्होंने जिम्मी को करीब 9 साल पहले करनाल से लाया था. वह उनके घर का हिस्सा बन चुकी थी. उसके खाने-पीने से लेकर रहने तक का पूरा ध्यान रखा जाता था. गर्मियों में एसी और कूलर, जबकि सर्दियों में हीटर की व्यवस्था भी की जाती थी.

मैक्स भी साथ लाए थे, बच्चों का था खास लगाव
उन्होंने बताया कि जिम्मी के साथ ही मैक्स को भी घर लाया गया था, जो अभी करीब एक साल का है. घर में तीन बच्चे हैं और तीनों ही बच्चों का इन दोनों कुत्तों से काफी लगाव था. दोनों कुत्ते घर की सुरक्षा भी करते थे और उनके रहते कोई भी अनजान व्यक्ति डेरे की तरफ नजर नहीं डाल सकता था. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें जिम्मी को सांप से लड़ते हुए देखा जा सकता है. फुटेज में साफ दिखाई देता है कि जिम्मी ने बिना डरे सांप का सामना किया और लगातार हमला करती रही. जिम्मी की मौत के बाद पूरे परिवार में गहरा दुख है. खासकर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. सुमित ठाकर ने कहा कि जिम्मी ने परिवार की जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी. अगर सांप घर के अंदर घुस जाता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी.

वफादारी की मिसाल बन गई जिम्मी
इस घटना के बाद जिम्मी की वफादारी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. लोगों का कहना है कि उसने अपने मालिक के प्रति सच्ची वफादारी निभाई और खतरे को खुद पर लेकर परिवार को सुरक्षित रखा. जिम्मी की बहादुरी और त्याग ने सभी को भावुक कर दिया है.