चंडीगढ: त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसानों को कृषि उपकरण सस्ते दामों पर मिलेंगे। ट्रैक्टर के टायर्स और पुर्जों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। ट्रैक्टर खरीद पर भी अब किसानों को 12 प्रतिशत के बजाय केवल 5 प्रतिशत जीएसटी देनी होगी। इसी तरह कृषि और बागवानी से संबंधित मशीनों पर भी जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर भी अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी देनी होगी।
यह फैसला नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में लिया गया। इन बदलावों से हरियाणा के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। हरियाणा सरकार पिछले 11 वर्षों से किसानों के हित में कई योजनाएं लागू कर रही है। यह देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है, जिससे वे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके खेती को सुगम बना रहे हैं।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सोलर पंप पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। वैकल्पिक फसलों व सफेदा-पोपुलर जैसी पेड़ों की खेती पर प्रति एकड़ 7,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
हरियाणा सरकार ने बागवानी को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इजराइल का दौरा कर वहां की बागवानी तकनीकों को अपनाने का फैसला लिया। इजराइल के सहयोग से हरियाणा में 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस चल रहे हैं, जिनमें घरौंडा सेंटर भी शामिल है। इस तकनीकी सहयोग का परिणाम यह है कि पिछले 11 वर्षों में राज्य में सब्जियों का रकबा 77 हजार हेक्टेयर बढ़ा है। वर्ष 2013-14 में यह 3.73 लाख हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर साढ़े 4 लाख हेक्टेयर हो गया। फलों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
हरियाणा सरकार की योजनाओं से किसानों की जीवनशैली में बदलाव आया है। “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना” के तहत राज्य के लगभग 19.65 लाख किसानों को अब तक 13 किश्तों में 4,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल से किसानों को पंजीकरण, फसल सत्यापन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। खरीफ 2025 के दौरान 8,10,625 किसानों ने इस पोर्टल पर फसल पंजीकरण किया है। इसके अलावा “प्रगतिशील किसान सम्मान योजना” के तहत अलग-अलग जमीन श्रेणियों के किसानों को सम्मानित किया जाता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन सभी पहलों को किसानों के लिए सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीएसटी में कटौती से हरियाणा के लाखों किसान लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य में 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद, कृषि यंत्रों पर अनुदान, आढ़तियों का बढ़ाया गया कमीशन (46 से 55 रुपये प्रति क्विंटल), और सीधे किसानों के खातों में भुगतान जैसी नीतियां किसानों को सशक्त बना रही हैं। साथ ही सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है और गन्ने के लिए देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य दे रही है। फलों और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को “भावांतर भरपाई योजना” के माध्यम से जोखिम से राहत दी जा रही है।