हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मैनपाल बादली को करीब 10 दिन पहले कम्बोडिया में हिरासत में लिया गया है. भारत की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और हरियाणा पुलिस इस मामले में सक्रिय रूप से कम्बोडिया में मौजूद हैं और जल्द ही उसे भारत लाने की तैयारी कर रही हैं. हरियाणा पुलिस ने मैनपाल पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.
मैनपाल बादली हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में नंबर-1 पर था. 29 अगस्त 2018 को परोल पर जेल से रिहा हुआ था. इसके बाद वह विदेश भाग गया और वहां से अपने गैंग को संचालित कर रहा था. मैनपाल पर हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं. हैरानी की बात यह है कि जेल में रहते हुए भी उस पर हत्या का आरोप लगा था, जिसने उसे और भी कुख्यात बना दिया. मैनपाल बादली का अपराध की दुनिया में प्रवेश साल 2000 में हुआ, जब उसने अपने चाचा की हत्या की थी.
ट्रैक्टर रिपेयर का काम करता था गैंगस्टर
शुरुआत में वह ट्रैक्टर रिपेयर का काम सीख रहा था, लेकिन इस घटना के बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली. धीरे-धीरे वह हरियाणा के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में से एक बन गया. उसका गैंग कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा, जिसमें हत्या, फिरौती और संगठित अपराध शामिल हैं.
हरियाणा पुलिस ने इस ऑपरेशन को गुप्त रखा था और कम्बोडिया की स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से मैनपाल को हिरासत में लिया गया. इस कार्रवाई से यह साफ है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां विदेशों में छिपे अपराधियों को पकड़ने के लिए कितनी सतर्क और सक्रिय हैं. मैनपाल को भारत लाने के बाद उससे पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है.