हरियाणा के नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग (डीटीसीपी) में सेवारत नगर योजनाकार धर्मवीर खत्री के खिलाफ राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 149.49 फीसदी अधिक संपत्तियां अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी हैं। एसीबी के द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ।
एसीबी को तत्कालीन जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) धर्मवीर खत्री के खिलाफ सितंबर 2020 में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खत्री ने अपने सेवाकाल के दौरान अपनी आय से कहीं अधिक मूल्य की संपत्तियां अपने और रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित की हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि धर्मवीर खत्री ने हरियाणा राज्य औद्योगिक और आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) में डीटीपी आईएमटी मानेसर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान गुरुग्राम और पंचकूला में कई संपत्तियां खरीदीं थी।
जांच के दौरान एसीबी ने एक अप्रैल 2001 से सितंबर 2020 तक की अवधि के लिए धर्मवीर खत्री की आय और व्यय का विस्तृत रिकॉर्ड खंगाला। जांच में विशेष रूप से पाया गया कि वर्ष 2011-12 और 2012-13 के दौरान खत्री द्वारा बड़ी मात्रा में संपत्तियां अर्जित की गईं।
बेहिसाब संपत्ति का खुलासा : एसीबी के अधिकारी के अनुसार दो वर्ष की छोटी अवधि में धर्मवीर खत्री ने 32 लाख 65 हजार 626 रुपये की अचल संपत्तियां खरीदीं, जबकि उनके रिकॉर्ड में कुल बचत केवल पांच लाख 97 हजार 875 थी। एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि खत्री ने अपने वैध स्रोतों से 26 लाख 67 हजार 751 की राशि अवैध तरीके से अर्जित की और खर्च की। यह बेहिसाब राशि उनकी वैध आय के मुकाबले 149.49 प्रतिशत अधिक है। अधिकारी ने कहा कि यह एक अपराध है।
1995 में नौकरी मिली थी
एसीबी की जांच में सामने आया कि धर्मवीर खत्री ने 1995 में एचएसआईआईडीसी में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर अपनी सेवा शुरू की थी। 2008 में उन्हें सहायक नगर योजनाकार (एटीपी) के पद पर पदोन्नत किया गया। वर्तमान में वह सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी में वरिष्ठ नगर योजनाकार के पद पर तैनात हैं। उन्होंने नगर योजना विभाग में गुरुग्राम, पंचकूला में एटीपी के रूप में और रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी और मानेसर में डीटीपी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी पत्नी गुरुग्राम के इस्लामपुर में जूनियर लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं।
अर्जित की गई प्रमुख संपत्तियां
जांच में पाया गया कि जांच की अवधि के दौरान खत्री ने जो संपत्तियां अर्जित कीं। दो साल की अवधि के दौरान सेक्टर-47 में 135 गज का मकान, सेक्टर-56 में स्थित हीवो सोसाइटी में 153 गज का मकान और पंचकूला की सेक्टर-27 में स्थित हीवो सोसाइटी में 214 गज का मकान खरीदना पाया गया। इन संपत्तियों के अलावा उनके कई बैंक खातों में भी एक महत्वपूर्ण राशि जमा पाई गई।
आरोपी ने नहीं दी प्रतिक्रिया
संपर्क किए जाने पर धर्मवीर खत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। एसीबी ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। एसीबी ने विशेष रूप से एक अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2013 की दो वर्ष की अवधि की जांच के लिए चुना गया। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।