फतेहाबाद : हरियाणा के फतेहाबाद के कुम्हारिया गांव के दो युवक रूस-यूक्रेन युद्ध में फंस गए हैं. दोनों ने वीडियो जारी कर पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है और उनके परिजनों ने हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर दोनों युवकों की वतन वापसी के लिए मदद मांगी है. यूक्रेन युद्ध में फंसे हरियाणा के “लाल” : यूक्रेन युद्ध में फंसे हुए युवकों की पहचान अंकित जांगड़ा (24) और विजय पूनियां (25) के रूप में हुई है. दोनों स्टडी वीज़ा पर रूस गए थे और मास्को में रह रहे थे.
स्टडी वीज़ा पर गए थे रूस : अंकित जांगड़ा के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा ने बताया कि ” उनका भाई 12वीं पास करने के बाद 15 फरवरी को स्टडी वीज़ा पर रूस गया था और मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लैंग्वेज कोर्स कर रहा था. वहां एक महिला ने उन्हें रशियन आर्मी में जॉब दिलाने की बात कही और बताया कि उन्हें तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी. उनसे रशियन लैंग्वेज में एग्रीमेंट साइन करवा लिया गया. उन्हें रशियन लैंग्वेज नहीं आती थी. उन्हें गूगल ट्रांसलेट का यूज़ भी नहीं करने दिया गया और धमकी दी गई कि जॉब करनी है या नहीं, ढाई लाख की सैलरी मिलेगी आपको. उन्होंने हाथ आए जॉब जाने के डर से कॉन्ट्रैक्ट को साइन कर दिया जिसके बाद उन्हें युद्धक्षेत्र के अंदर ले जाया गया.”
रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे हरियाणा के युवक
“युवकों को टॉर्चर किया गया” : रघुवीर जांगड़ा आगे कहते हैं कि ” इसके बाद उन्हें टॉर्चर किया गया और कहा गया कि किसी को इस बारे में कुछ भी बताने की कोशिश मत करना, वर्ना बहुत बुरा होगा. इस धमकी के चलते उन्होंने हमसे 10 दिन तक बातचीत तक नहीं की. पहले तो भाई मुझे कुछ बता नहीं रहा था. फिर मैंने कसम दी जिसके बाद उसने खुलकर मुझे सारी बातें बताई. उसने कहा कि हमें यूक्रेन की जीरो लाइन पर ले जाने की कोशिश हो रही है. उनके साथ कई भारतीय युवक थे, उनमें से कई युवकों की मौत तक हो चुकी है. हमारे गांव से दो युवक फंसे हैं जिनमें मेरा छोटा भाई अंकित और विजय पूनियां है. वॉट्सएप के जरिए मेरे भाई ने मुझे कॉन्टैक्ट किया था.”
“हरियाणा सीएम से की मुलाकात”: रघुवीर जांगड़ा ने कहा कि “उनको पैसे तक नहीं दिए गए. उनके साथ जॉब के नाम पर फ्रॉड किया गया है. यहां से मेरा भाई एजेंट के जरिए स्टडी वीज़ा पर मॉस्को गया था. मैंने विदेश मंत्रालय से पूरे मामले की शिकायत की है. साथ ही मैं हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी से मिला हूं. उन्होंने विदेश मंत्रालय से बात करने का आश्वासन दिया है. मैंने उनसे मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि कैसे भी करके मेरे भाई को वहां से निकालकर भारत ले आओ. साथ ही उन्होंने राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा और पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल से भी मदद की गुहार लगाई है.”
मदद के लिए लगाई गुहार : वहीं रघुवीर जांगड़ा के साथ मौजूद कुम्हारिया गांव के स्थानीय निवासी पारस ने कहा कि “यूक्रेन में फंसे गांव के युवकों से उसने बात की है. वहां पर कुल 15 युवक थे, जिनमें से 5 युवकों की मौत हो चुकी है. वहां के एजेंट ने भारत के 45 युवकों की भर्ती की है. तीन बैच बनाए गए हैं. पहले बैच में 15 के अंदर से 5 युवक मारे गए हैं. वे सभी भारत के थे. बाकी बचे युवकों ने ये वीडियो बनाकर यहां भेजी है. उन्हें रशियन आर्मी में भर्ती के नाम पर झांसा दिया गया. स्टडी के लिए गए थे, वहां बहला-फुसलाकर युद्ध में फंसा दिया गया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिले हैं. पूरा गांव उनकी वापसी के लिए गुहार लगा रहा है.”
युद्धक्षेत्र से आए पहले वीडियो में क्या है ? : वीडियो में किसी जंगल में आर्मी ड्रेस में अंकित जांगड़ा खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. उसके साथ करीब 12 युवक भी वहां पर आर्मी की ड्रेस में नज़र आ रहे हैं. अंकित जांगड़ा कह रहा है कि “हमें ट्रेनिंग नहीं दी गई है और जबर्दस्ती जंग के अंदर ले जा रहे हैं. यहां कोई आपकी नहीं सुनेगा. आप यूक्रेन के अंदर हो. अभी तो इंटरनेट चल रहा है लेकिन आगे जाते ही इंटरनेट नहीं चलेगा. इन्होंने कह दिया है कि घरवालों से जो बात करनी है, वो अभी कर लो. जबर्दस्ती कर रहे हैं, ये हम चारों का लास्ट वीडियो हो सकता है. हमारे 9 साथियों को ट्रेनिंग पर भेजा जा रहा है. यहां से 15-20 किलोमीटर दूर है. उन्हें कल या परसों लेकर जाएंगे. हो सकता है कि ये हमारा लास्ट वीडियो हो”. इसके बाद वीडियो में आर्मी ड्रेस में बैठे हुए करीब 12 युवक नज़र आ रहे हैं और धोखा किए जाने की बात कही जा रही है.
युद्धक्षेत्र से आए दूसरे वीडियो में क्या है ? : दूसरे वीडियो में कुछ युवक एक अंधेरे कमर में नज़र आ रहे हैं. पंजाबी में बोलते हुए युवक नज़र आ रहे हैं, जिसमें वे कह रहे हैं कि “वे स्टूडेंट के तौर पर मॉस्को आए थे और अब रशियन आर्मी में है. कोई ट्रेनिंग नहीं दी जा रही है, कोई खाना नहीं दिया जा रहा है. हमारे साथ धोखा किया गया है. आप सिर्फ हमारी मदद करोगे, ये कहकर रशियन आर्मी में भर्ती की गई थी लेकिन अब बिना ट्रेनिंग के गन पकड़ाई गई और लड़ाई में भेजा जा रहा है. हम लोग 15 युवक थे, जिनमें से 5 युवकों की मौत हो चुकी है. हमको भी वहां पर भेजा जा रहा है. उन्होंने बीजेपी सरकार, पीएम मोदी से अपील करते हुए वीडियो में कहा कि हमारे पास एक-दो दिन का ही टाइम है, इसलिए जल्दी हमारी मदद की जाए.”