जिसने जन्म दिया उसी का कर दिया कत्ल, हरियाणा में मां-बेटे के रिश्ते की दिल दहला देने वाली कहानी

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले में सरपंच की पत्नी की हत्या का रहस्य सुलझ गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद महिला के सगे बेटे ने अपने मित्र के साथ मिलकर कर डाली। मां-बेटे के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव और जीवनशैली को लेकर टकराव ने मां बेटे के पवित्र रिश्ते का गला घोट दिया और इस जघन्य वारदात को जन्म दे दिया। बता दें कि श्यामपुर गांव में 24 दिसंबर की रात सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की संदिग्ध मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। शुरुआती स्थिति संदिग्ध लगने के कारण अपराध शाखा-2 को जांच सौंपी गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की मदद से पुलिस सच तक पहुंच पाई। जांच में पता चला कि मृतका का बेटा गोमित राठी 18 दिसंबर को बिना किसी को बताए इंग्लैंड से भारत लौट आया था। उसकी वापसी की जानकारी केवल उसके करीबी दोस्त पंकज को थी। दोनों ने इस बात को परिवार और गांववालों से छिपाया।

मां समझाती थी लेकिन बेटे को टोका टकी पसंद नहीं थी
पुलिस के अनुसार गोमित राठी अपनी मां की टोका-टाकी से नाराज रहता था। मां उसके फिजूलखर्चे पर रोक लगाती थी, जबकि वह अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहता था। पुलिस का कहना है कि इन्हीं रंजिशों ने उसके भीतर गहरा आक्रोश पैदा किया, जो आखिरकार हत्या में बदल गया। 24 दिसंबर की रात गोमित चुपचाप इंग्लैंड से गांव पहुंचा और जानवरों के बाड़े में छिपकर सही समय का इंतजार करता रहा। देर रात उसने अपनी मां पर हमला किया। पहले चोट पहुंचाई, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने शव को पानी की हौदी में फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे।

साथी ने भी दिया पूरा साथ
पुलिस का कहना है कि पंकज ने न केवल आरोपी बेटे की भारत वापसी को गुप्त रखा, बल्कि हत्या से पहले और बाद में भी उसकी मदद की। यही कारण है कि पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने लोकेशन ट्रैकिंग, मोबाइल डेटा, गांव के आसपास की गतिविधियों और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरा घटनाक्रम तैयार किया। अंततः सभी साक्ष्य बेटे की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे।