नूंह: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में वकील की गिरफ्तारी के बाद से नूंह फिर सुर्खियों में आ गया है। जिले में यह इस साल तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले मई में गांव राजाका के अरमान और कांगरका गांव के मोहम्मद तारीफ को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर आरोप था कि वे पाकिस्तान के संपर्क में रहे थे और गोपनीय जानकारी साझा करते थे। अरमान दो बार पाकिस्तान गया था, जबकि तारीफ तीन बार गया था। दोनों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
अब नूंह जिले के निवासी अधिवक्ता रिजवान को एनआइए ने गिरफ्तार किया है। उसने वर्ष 2022 में कोरोना काल के बाद से सोहना की अदालत में वकालत करनी शुरू की थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिजवान ने शुरू में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ केवल 15 दिन का समय बिताया था, जिसके बाद अदालत परिसर में अपनी अलग सीट जमा ली थी और नियमित रूप से केस लेकर वकालत कर रहा था।
अधिवक्ता रिजवान का स्वभाव अदालत और तहसील परिसर में सरल और मधुर बताया जाता है। वह अपने सभी वरिष्ठ और जूनियर अधिवक्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार रखता था, जिसके कारण परिसर में उनकी छवि एक मेहनती और सुलझे हुए वकील की थी।
खास बात यह है कि उपरोक्त मामले की पुष्टि के लिए नूंह के एसपी, अतिरिक्त एसपी, डीएसपी, डीएसपी हेडक्वार्टर से फोन पर संपर्क किया गया। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। एसएमएस से भी संपर्क किया गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला।
गिरफ्तारी की सूचना से सन्न रह गए सहकर्मी
वकील की गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही अदालत और तहसील परिसर में यह सूचना पहुंची कि अधिवक्ता रिजवान को पाकिस्तान की आईएसआई आतंकी संगठन से संबंध होने के गंभीर आरोप में एनआईए, दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की गठित टीमों द्वारा गिरफ्तार किया गया है, वैसे ही सहकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया। सोहना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने इस घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया। उनके मुताबिक, रिजवान नियमित रूप से अदालत से संबंधित कार्यों में जुटा रहता था और उसके व्यवहार से किसी को भी उस पर संदेह नहीं हुआ। यह गिरफ्तारी इस क्षेत्र में कानून से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा झटका है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। एनआईए अब रिजवान से जुड़े सभी मामलों और संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है, ताकि उसके नेटवर्क और गतिविधियों का पर्दाफाश किया जा सके।