हरियाणा के इस जिले में अब DJ वालों का निकाह नहीं पढ़ेंगे इमाम, जानें वजह

नूंह: नूंह जिले के गांव गंगवानी में ग्रामीणों ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पंचायत में कई सख्त फैसले लिए हैं. गांव में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों को रोकने के उद्देश्य से सर्वसम्मति से नियम तय किए गए और उनके पालन के लिए एक कमेटी का गठन किया गया.

डीजे बजाने वालों का निकाह नहीं पढ़ेंगे इमाम
पंचायत में सबसे चर्चा का विषय बना फैसला यह रहा कि गांव में शादी समारोह में डीजे बजाने वालों का निकाह इमाम नहीं पढ़ेंगे. इसके साथ ही ऐसे लोगों पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है. ग्रामीणों का मानना है कि तेज आवाज और फिजूल खर्च की परंपरा समाज में विवाद और आर्थिक बोझ बढ़ा रही है.

सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की पहल
पंचायत की अध्यक्षता मास्टर मोहम्मद हुसैन ने की, जबकि सरपंच इरशाद मोहम्मद ने भी फैसलों पर सहमति जताई. पंचायत में स्पष्ट कहा गया कि जो भी रस्में समाज के लिए बोझ या परेशानी बन चुकी हैं. उन्हें समाप्त किया जाएगा. साथ ही यह भी तय हुआ कि लिए गए सभी निर्णयों को सख्ती से लागू किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक तथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

दुकानों के समय पर भी नियंत्रण
गांव में अनुशासन बनाए रखने के लिए पंचायत ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए रात 10 बजे के बाद किसी भी दुकान को खुला न रखने का नियम लागू किया है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे युवाओं में अनुशासन बढ़ेगा और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक लगेगी. ग्रामीणों ने एकमत होकर कहा कि समाज में शांति, सादगी और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए ऐसे फैसले जरूरी हैं. पंचायत की इस पहल को गांव में सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.