चंडीगढ़; हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। हरियाणा में एनसीआर व्हीकल नीति में बदलाव किया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य के एनसीआर वाले शहरों में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल और CNG गाड़ियां ही चलेंगी। वहीं, हरियाणा में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कोई रजिस्ट्रेशन टैक्स नहीं लगेगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत समेत प्रदेश के कुल 14 जिले एनसीआर में आते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में छूट का प्रस्ताव
सैनी ने कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में ईवी पर रजिस्ट्रेशन फ्री करने पर काम किया जा रहा है। वर्क फ्रॉम होम पर भी काम किया जाएगा और वर्चुल बैठकों पर भी जोर दिया जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर इलेक्ट्रिक वाहनों पर शत-प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
EV पर फ्री रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फ्री रजिस्ट्रेशन का खास प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में अब हरियाणा के लोगों को दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन में किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लगेगा। रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स शत-प्रतिशत माफ किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देने पर भी मंथन
हरियाणा में नई ईवी पालिसी का प्रारूप उद्योग विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी की योजना भी बनाई जा सकती है। विभाग के इस प्रस्ताव को परिवहन मंत्री अनिल विज ने मंजूर कर मुख्यमंत्री को भेज दिया है।
औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी
सीएम ने कहा कि हरियाणा वैश्विक व्यापार का केंद्र बन गया है। हरियाणा को निवेश का गंतव्य बनाना सरकार का उद्देश्य है। कैबिनेट मीटिंग में औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी गई है। मेक इन हरियाणा से प्रदेश अग्रणी बनेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि राज्य में 5 लाख करोड़ के नए निवेश का लक्ष्य रखा गया है। 2026-27 की बजट की घोषणाएं पूरी हो रही हैं। 20 हजार रोजगार देना सरकार का लक्ष्य है। 9 अलग-अलग उद्योग नीतियों को मंजूरी दी गई है। उद्योग क्षेत्र में अनाधिकृत कालोनियों को विशेष नीति के दायरे में शामिल करने को मंजूरी दी गई है।
सीएम नायब सैनी ने बताया कि शिक्षा विभाग में फील्ड कैडर के पद प्रमोशन और डेपुटेशन से ही भरे जाएंगे। उद्योग क्षेत्र में की गई अनाधिकृत कालोनियों को विशेष नीति के दायरे में शामिल करने को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2024-25 में 23 जुलाई 2024 से पहले जारी किए गए बीसी-ए और बीसी-बी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र पूरी तरह मान्य होंगे। गुरुग्राम और पंचकूला में आईटी से जुड़े सेंटर खोलने को लेकर प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इन सेंटरों पर युवाओं को आईटी और एआई से जुड़ी जानकारी सिखाई जाएगी।